कर्ज के बोझ से दबे हैं? मंगलवार को बस एक बार बोलें यह मंत्र, बजरंगबली 24 घंटे में बदल देंगे आपकी किस्मत!
हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी और मंगल देव की उपासना के लिए समर्पित है। जानें कर्ज मुक्ति, शत्रु नाश और मनोकामना पूर्ति के लिए शक्तिशाली मंत्र और पूजा की संपूर्ण विधि। इस दिन क्या करें और किन गलतियों से बचें, पढ़ें पूरी जानकारी। बजरंगबली को प्रसन्न करने के अचूक उपाय यहाँ उपलब्ध हैं।

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी विशेष देवता और ग्रह को समर्पित है, लेकिन मंगलवार का महत्व अत्यंत विशिष्ट माना गया है। यह दिन शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान (बजरंगबली) और नवग्रहों में सेनापति का दर्जा रखने वाले मंगल देव की उपासना के लिए सर्वोत्तम है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन विधि-विधान से साधना करते हैं, उनके जीवन से बड़े से बड़े संकट और 'मंगल दोष' जैसे ज्योतिषीय अवरोध भी समाप्त हो जाते हैं।
हनुमान जी और मंगल देव: शक्ति और शांति का संयोग मंगलवार का दिन मुख्य रूप से संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। जीवन में साहस की कमी, अज्ञात भय या शत्रुओं का नाश करने के लिए बजरंगबली का स्मरण अमोघ अस्त्र माना जाता है। वहीं, ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जिन जातकों की कुंडली में 'मंगल दोष' है या जो लंबे समय से कर्ज और भूमि विवाद में उलझे हैं, उनके लिए मंगल देव (Mangal Dev) की उपासना अनिवार्य बताई गई है। यह दिन ऊर्जा को संतुलित करने और जीवन में स्थिरता लाने का कार्य करता है।
चमत्कारी मंत्र: जो बदल सकते हैं भाग्य शास्त्रों में मंगलवार के लिए कुछ ऐसे सिद्ध मंत्रों का उल्लेख है, जिनका 108 बार जाप करने से तत्काल प्रभाव देखने को मिलता है। समस्या के अनुसार मंत्रों का चयन इस प्रकार किया जा सकता है:
- हनुमान जी के मंत्र: सामान्य पूजा के लिए सबसे सरल बीज मंत्र 'ॐ हं हनुमते नमः' है। यदि कोई व्यक्ति भय या शत्रुओं से घिरा हो, तो उसे 'ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा' का जाप करना चाहिए। वहीं, विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए 'मनोजवं मारुततुल्यवेगं...' श्लोक का पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।
- मंगल देव के मंत्र: कर्ज (ऋण) से मुक्ति पाने के लिए 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' और ग्रह शांति के लिए 'ॐ अं अंगारकाय नमः' का जाप करने का विधान है।
पूजा पद्धति और नियम: सात्विकता है अनिवार्य मंगलवार की पूजा में नियमों का पालन बेहद अहम है। इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह मंगल का प्रतीक है। पूजा के दौरान हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल या शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। भोग के रूप में बजरंगबली को गुड़ और चना सबसे अधिक प्रिय है, इसके अतिरिक्त बूंदी के लड्डू या तुलसी दल भी अर्पित किए जा सकते हैं। पुरुषों के लिए इस दिन हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर 'चोला' चढ़ाना आत्मविश्वास में वृद्धि करने वाला माना गया है।
क्या करें और क्या न करें? धार्मिक जानकारों के अनुसार, मंगलवार के दिन कुछ कार्यों को पूर्णतः वर्जित माना गया है। इस दिन नमक का सेवन कम से कम करना चाहिए और यदि व्रत हो तो पूर्ण त्याग करें। मांस-मदिरा का सेवन, बाल कटवाना या नाखून काटना इस दिन निषेध है, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। साथ ही, आर्थिक कष्टों से बचने के लिए मंगलवार को पैसे उधार लेने से बचना चाहिए।
मंगलवार की पूजा केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का माध्यम है। हनुमान चालीसा या बजरंग बाण के पाठ के साथ की गई यह सात्विक पूजा न केवल व्यक्तिगत बाधाओं को दूर करती है, बल्कि साधक को निडर और तेजस्वी बनाती है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
