रियलिटी शो 'The 50' में श्रुतिका अर्जुन ने नेपोटिज्म और अपने फिल्मी करियर के फ्लॉप होने पर खुलकर बात की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि उनके दादाजी की 965 फिल्मों की विरासत के बावजूद उन्होंने इस मौके को गंवा दिया।

"मेरे दादाजी ने 965 फिल्में कीं, पर मैंने मौका गंवा दिया" – श्रुतिका अर्जुन की ईमानदारी ने जीता दिल

टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री और रियलिटी शो स्टार श्रुतिका अर्जुन एक बार फिर अपनी बेबाक ईमानदारी के कारण सुर्खियों में हैं। हाल ही में रियलिटी शो 'The 50' के एक एपिसोड के दौरान उन्होंने नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) और अपने असफल फिल्मी करियर को लेकर एक ऐसी बात कही, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।

क्या था वह बड़ा खुलासा?

शो के दौरान अभिनेता करण पटेल के साथ बातचीत करते हुए श्रुतिका ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र किया। उन्होंने बहुत ही मजाकिया लेकिन सच बोलते हुए कहा, "मेरे दादाजी ने तमिल में 965 फिल्में की थीं, पर मैंने नेपोटिज्म को वेस्ट (बर्बाद) कर दिया।"

उन्होंने आगे अपनी असफलता का कारण बताते हुए कहा कि उस समय वह अच्छी नहीं दिखती थीं और उनकी लगातार चार फिल्में फ्लॉप हो गईं। आमतौर पर फिल्मी परिवारों से आने वाले कलाकार अपनी असफलताओं का दोष दूसरों पर मढ़ते हैं, लेकिन श्रुतिका ने सार्वजनिक रूप से अपनी कमी को स्वीकार कर दर्शकों का दिल जीत लिया।

करण पटेल के साथ मजेदार नोक-झोंक

इस गंभीर खुलासे के बीच हंसी-मजाक का दौर भी चला। करण पटेल ने चुटकी लेते हुए उनसे कहा, "जब तक तुम अपना मुंह बंद रखती हो, तब तक तुम एक बेहद खूबसूरत महिला हो।"

श्रुतिका ने भी तुरंत पलटवार करते हुए कहा, "अर्जुन भी यही बोलता है।" जब करण ने हैरानी से पूछा कि यह अर्जुन कौन है, तो श्रुतिका ने मजाकिया लहजे में जवाब दिया, "मेरा धर्म पति।"

सफलता की गारंटी नहीं है नेपोटिज्म

श्रुतिका का यह बयान उस समय आया है जब फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को लेकर लगातार बहस चलती रहती है। श्रुतिका ने यह साबित कर दिया कि भले ही आपको इंडस्ट्री में पहचान या शुरुआती मौके अपने परिवार की वजह से मिल जाएं, लेकिन दर्शकों का प्यार और सफलता केवल टैलेंट और सही समय पर ही निर्भर करती है।

उन्होंने नाटकीय अंदाज में ऊपर वाले की ओर देखते हुए यह भी कहा, "हे ऊपर वाले, अगर तू है तो मेरी बात सुन और अपनी गलती सुधार।" उनकी यह बेबाकी ही है जिसकी वजह से बिग बॉस 18 के बाद अब इस नए शो में भी लोग उन्हें काफी पसंद कर रहे हैं।

ईमानदारी ही पहचान है

श्रुतिका अर्जुन ने यह स्वीकार करके कि इंडस्ट्री का बैकग्राउंड होने के बावजूद सफलता 'ऑटोमैटिक' नहीं मिलती, एक बड़ी मिसाल पेश की है। उनकी यही सच्चाई और दूसरों को हंसाने की कला उन्हें आज के दौर के रियलिटी शोज की सबसे लोकप्रिय कंटेस्टेंट बनाती है।

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