क्या रोडीज स्टार प्रिंस नरूला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि दंगा भड़काने के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया है। हालांकि, जांच में यह खबर फर्जी और भ्रामक नजर आ रही है। जानिए प्रिंस नरूला की कथित गिरफ्तारी के पीछे का पूरा सच, वायरल वीडियो की असलियत और दिल्ली पुलिस का इस मामले पर क्या है रुख।

prince narula arrest : रियलिटी शोज के बेताज बादशाह और 'रोडीज' फेम प्रिंस नरूला इस वक्त एक ऐसी खबर को लेकर सुर्खियों में हैं जिसने इंटरनेट पर हड़कंप मचा दिया है। गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स—इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और रेडिट पर एक वीडियो जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसमें कथित तौर पर दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने प्रिंस नरूला को हिरासत में ले लिया है। इस वीडियो ने न केवल उनके लाखों प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि राजधानी के संवेदनशील राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज कर दी हैं। वीडियो के साथ किए जा रहे दावों ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है, जिससे ऑनलाइन जगत में अटकलों का बाजार गर्म है।

घटनाक्रम की गहराई में जाएं तो 'इंडियन लास्ट 24 आवर' नामक एक सोशल मीडिया पेज और कुछ सत्यापित हैंडल्स द्वारा यह दावा किया गया कि प्रिंस नरूला को दिल्ली में एक मस्जिद विध्वंस के संबंध में कथित तौर पर 'अफवाह फैलाने और दंगा भड़काने' के आरोप में पकड़ा गया है। एक्स पर प्रसारित एक पोस्ट में यहाँ तक कहा गया कि प्रिंस को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। इन दावों ने प्रशंसकों के बीच भारी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी, क्योंकि वायरल क्लिप में प्रिंस पुलिस की मौजूदगी में नजर आ रहे थे। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल कथित गिरफ्तारी को लेकर अब तक दिल्ली पुलिस, प्रिंस नरूला की पीआर टीम या स्वयं अभिनेता की ओर से कोई भी आधिकारिक पुष्टिकरण या खंडन जारी नहीं किया गया है।



कानूनी और तकनीकी जांच के स्तर पर इस वीडियो की प्रामाणिकता सवालों के घेरे में है। जैसे ही प्रशंसकों ने इस खबर की सच्चाई जानने के लिए एआई टूल्स और सर्च इंजनों का सहारा लिया, चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एआई सहायक 'ग्रोक' के विश्लेषण के अनुसार, जनवरी 2026 में प्रिंस नरूला की किसी भी वास्तविक गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक रिपोर्ट मौजूद नहीं है। प्रारंभिक जांच संकेत देती है कि वायरल हो रहा वीडियो संभवतः किसी पुराने प्रोजेक्ट की संपादित क्लिप है या किसी विज्ञापन या वेब सीरीज की शूटिंग का हिस्सा हो सकता है जिसे गलत संदर्भ के साथ पेश किया गया है। विशेष रूप से मस्जिद विध्वंस जैसे संवेदनशील मामले से उनका नाम जुड़ना पूरी तरह से निराधार प्रतीत हो रहा है, क्योंकि किसी भी मुख्यधारा की समाचार एजेंसी ने ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं की है।

अंततः, यह पूरा प्रकरण डिजिटल युग में सूचनाओं के खतरनाक प्रवाह और फेक न्यूज़ की चुनौती को दर्शाता है। बिना किसी आधिकारिक बयान के एक सेलिब्रिटी के नाम पर सांप्रदायिक तनाव से जुड़े दावे करना न केवल भ्रामक है, बल्कि सामाजिक शांति के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है। जब तक प्रिंस नरूला या दिल्ली पुलिस इस पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ते, तब तक इस फुटेज को संदिग्ध ही माना जाना चाहिए। यह घटना याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर चमकती चीज़ सच नहीं होती और सनसनीखेज दावों पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक सूत्रों की प्रतीक्षा करना ही बुद्धिमानी है।

Updated On 8 Jan 2026 4:14 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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