'फौदा' के कलाकारों के साथ PM मोदी की खास सेल्फी: कूटनीति के बीच जब दिखा सिनेमा का जादू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया जब उन्होंने मशहूर सीरीज 'फौदा' की स्टार कास्ट से मुलाकात की। जानें इस मुलाकात के पीछे का मकसद और कैसे भारत-इजराइल मनोरंजन जगत में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

PM Modi's selfie with Fauda cast
सिर्फ काम नहीं, कला भी: इजराइल में PM मोदी की 'फौदा' स्टार्स के साथ दिलचस्प मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इजराइल यात्रा पिछले दो दिनों से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जहाँ एक ओर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी 'हगलोमेसी' (गले मिलने की कूटनीति) और महत्वपूर्ण समझौतों की चर्चा हो रही है, वहीं PM मोदी ने यह भी सुनिश्चित किया कि यह छोटी यात्रा केवल आधिकारिक बैठकों तक ही सीमित न रहे।
'फौदा' स्टार्स के साथ सेल्फी और चुटीला अंदाज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर PM मोदी ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे प्रसिद्ध इजराइली राजनीतिक थ्रिलर सीरीज 'फौदा' (Fauda) की स्टार कास्ट के साथ नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस तस्वीर के साथ मजाक में लिखा कि इस मुलाकात के लिए किसी "अंडरकवर काम" (Undercover work) की जरूरत नहीं पड़ी।
क्या है 'फौदा'?
- 'फौदा' का अरबी में अर्थ होता है "अराजकता"।
- यह एक वैश्विक स्तर पर प्रशंसित इजराइली राजनीतिक थ्रिलर है जो इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
- यह सीरीज अंडरकवर ऑपरेशन्स, आतंकवाद विरोधी मिशनों और हिंसा के मानवीय परिणामों को बेहद बारीकी से दिखाती है।
सिनेमा के जरिए जुड़ रहे हैं दो देश
PM मोदी की इस मुलाकात को केवल एक फोटो अवसर के रूप में नहीं देखा जा रहा है। वास्तव में, भारत और इजराइल के मनोरंजन जगत के विभिन्न हितधारक (stakeholders) संयुक्त प्रोजेक्ट्स और एक-दूसरे की रचनात्मक शक्तियों का उपयोग करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
भारत को एक वैश्विक फिल्म निर्माण केंद्र (Global Film Production Hub) बनाने के सरकारी प्रयासों के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है।
इजराइल में भारतीय सिनेमा का डंका
पिछले वर्ष, इजराइल में एक 'भारतीय फिल्म महोत्सव' का आयोजन किया गया था, जिसकी शुरुआत किरण राव की प्रशंसित फिल्म "लापता लेडीज" की स्क्रीनिंग के साथ हुई थी। इस महोत्सव का उद्देश्य इजराइल में भारतीय संस्कृति और रचनात्मकता को बढ़ावा देना था।
महोत्सव में दिखाई गई कुछ प्रमुख फिल्में:
- दंगल
- जिंदगी ना मिलेगी दोबारा
- मिमी
- इंग्लिश विंग्लिश
- 777 चार्ली
यह लाइनअप भारत की विविधता, समृद्ध पारंपरिक विरासत, समकालीन चुनौतियों और रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए चुना गया था।
कूटनीति से परे का रिश्ता
PM मोदी की यह यात्रा दर्शाती है कि भारत और इजराइल के बीच के संबंध केवल सुरक्षा और व्यापार तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह 'पीपल-टू-पीपल' (जन-जन के बीच) संपर्क और कलात्मक आदान-प्रदान के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जो दो अलग-अलग देशों के लोगों को एक-दूसरे की कहानियों और संघर्षों से जोड़ता है।

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