शिवकार्तिकेयन और सुधा कोंगारा की ऐतिहासिक फिल्म 'परसक्ति' 10 जनवरी को रिलीज हो गई है। ट्विटर पर फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है, जहाँ एसके के अभिनय और फिल्म की भव्यता की तारीफ हुई है, वहीं कमजोर पटकथा और उबाऊ दूसरे हाफ ने दर्शकों को निराश किया है। पढ़ें फिल्म का पूरा सोशल मीडिया रिव्यू।

Sivakarthikeyan Parasakti movie Review : दक्षिण भारतीय सिनेमा के उभरते सुपरस्टार शिवकार्तिकेयन की बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म 'परसक्ति' ने भारी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार आज, 10 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से हरी झंडी मिलने के बाद रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा था। हालांकि, फिल्म के पहले दिन के शो खत्म होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर मिली-जुली प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। निर्देशक सुधा कोंगारा, जिन्होंने पहले 'सोरारई पोट्रु' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, इस बार अपनी भव्यता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण चर्चा में तो हैं, लेकिन दर्शकों का एक बड़ा धड़ा फिल्म की धीमी रफ्तार को लेकर असंतुष्ट नजर आ रहा है।

फिल्म के शुरुआती भाग यानी फर्स्ट हाफ ने अधिकांश दर्शकों को प्रभावित किया है। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने शिवकार्तिकेयन के 'वन मैन शो' और उनके स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर सराहना की है। दर्शकों के अनुसार, फिल्म का इंटरवल ब्लॉक और प्री-इंटरवल दृश्य अब तक के सबसे बेहतरीन सिनेमाई अनुभवों में से एक हैं। विशेष रूप से अथर्व के 'एनर्जी बूस्टर' किरदार और जयम रवि के खलनायक अवतार ने फिल्म में जान फूंक दी है। सुधा कोंगारा के निर्देशन में गानों और दृश्यों के फिल्मांकन की भव्यता ने दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा, जिससे पहले भाग के अंत तक माहौल पूरी तरह से सकारात्मक बना रहा।

परंतु, फिल्म का दूसरा भाग और क्लाइमेक्स कहानी के लिए कमजोर कड़ी साबित होते दिख रहे हैं। कई नेटिज़न्स ने फिल्म के दूसरे हिस्से को अत्यधिक लंबा और पूर्वानुमानित करार दिया है। समीक्षाओं के अनुसार, जिस भावनात्मक गहराई की उम्मीद एक ऐतिहासिक ड्रामा से की जाती है, वह कहानी के बिखराव के कारण गायब दिखी। कुछ तीखी प्रतिक्रियाओं में तो यहां तक कहा गया कि फिल्म का संगीत नीरस है और क्लाइमेक्स निर्देशक सुधा कोंगारा के करियर का अब तक का सबसे कमजोर प्रदर्शन है। कुछ दर्शकों ने फिल्म को केवल 1.5 स्टार की रेटिंग देते हुए इसे 'डिजास्टर' की श्रेणी में रख दिया है, जबकि अन्य इसे एसके (शिवकार्तिकेयन) के करिश्मे और तकनीकी उत्कृष्टता के कारण एक बार देखने लायक मान रहे हैं।

कुल मिलाकर, 'परसक्ति' को लेकर ट्विटर का माहौल पूरी तरह से बंटा हुआ है। जहां एक ओर फिल्म के भव्य सेट और शिवकार्तिकेयन के युवा आकर्षण की प्रशंसा हो रही है, वहीं दूसरी ओर कमजोर स्क्रीनप्ले और भावनात्मक जुड़ाव की कमी दर्शकों को खटक रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शुरुआती उत्साह और आलोचनाओं के बीच यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखने में कितनी सफल होती है। क्या आने वाले दिनों में आम दर्शकों की राय 'वर्ड ऑफ माउथ' के जरिए सकारात्मक बदलाव लाएगी, या यह फिल्म केवल एक औसत ऐतिहासिक ड्रामा बनकर रह जाएगी, यह सप्ताह के अंत तक स्पष्ट हो जाएगा।

Updated On 10 Jan 2026 11:40 AM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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