सेफ्टी ड्रिल के कारण सहयात्रियों को देखने का अवसर मिल गया। हमारे रही थी और जान पहचान बढा रही थी। यात्रियों में भारतीय मूल के यात्री भी काफी ये सभी अमरीकी नागरिक ही थे, मेरे जैसे भारतीय (Indian) मुश्किल से 10-12 रहे थे हमारी ड्रिल समाप्त होने के पश्चात जहाज के कर्मचारियों की भी ड्रिल हुई। सालांकि उनके लिये यह कोई नई बात नहीं है क्यूंकि वे लगातार यात्रा पर रहते हैं, उन्हें एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती। हमारा जहाज अगले रविवार को प्रातः उस सीयेटल पहुँचने वाला था, उसी दिन दोपहर को वापस नई यात्रा शुरू हो जायगी।


Yatra Vrutant-Suresh Goyal-Pratahkal
Editorial

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