धीरे-धीरे पहाड़ियां भी लुप्त हो गईं, अब चारों तरफ अथाह जल राशि थी। फोन के सिगनल बन्द हो गये तो वाई फाई चालू करने की कोशिश की। लोग कर देखा तो अच्छी स्पीड आ रही थी, वापस लोग आउट कर दिया ताकि कम से कम एम.बी. खर्च हों। 14 अग. की शाम हो चुकी थी। भारत में 15 अग. स्वतन्त्रता दिवस के समारोह शुरू हो चुके थे जहाज पर ढेर सारे भारतीय थे मगर शायद ही किसी को इसका एहसास रहा हो।


Yatra Vrutant-Suresh Goyal-Pratahkal
Editorial

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