केसीनो से बाहर निकले तो सामने ही ड्यूटी फ्री शोप थी। जानबूझ कर ये ऐसी जगहों पर रखी जाती थीं जहां से होकर यात्री को गुजरना ही पड़ता है और वह आकर्षित होकर कुछ न कुछ खरीद ही लेता है। विश्व के अनेक देशों के पर्यटन स्थलों पर भी यही होता है, यात्री ने टिकट ले लिया तथा वह पर्यटन स्थल में प्रवेश करने ही वाला है मगर उसे एक गिफ्ट शोप में होकर ही जाना पड़ेगा। राजा फिर इस शोप पर अटक गया। मैं उसे खींच कर ले गया। रात अधिक हो चुकी थी, सोना जरूरी था क्यूंकि मुझे तो सुबह 4 बजे वापस उठ कर ट्विटर भेजना था।


Yatra Vrutant-Suresh Goyal-Pratahkal
Editorial

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