प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण कोई शहर में देखता नहीं कि जल भुन कर खाक हो जाता हूँ। कोई शहर समन्दर किनारे हो, बड़ी-बड़ी झीलें हो, नदी-नाले झरने-बर्फीले पहाड़, घाटियां दरें, उतार चढाव भरी सड़के हो, उस शहर से मैं तो क्या कोई भी उदयपुर प्रेमी रश्क कर उठेगा। सीएटल एसा ही शहर है।


Pratahkal - Suresh Goyal
Updated On 29 Dec 2025 4:56 PM IST
Editorial

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