कम्प्यूटर का हमारे जन जीवन में इतना जबर्दस्त हस्तक्षेप हो गया है यह दुनिया की नब्ज बन गया है। नब्ज रूकी नहीं कि दुनिया भी थम जाती है। सीयेटल में घूमते घूमते दिन पूरा होने को आ रहा था। अगले दिन हम 8 दिन की समुद्री यात्रा पर निकलने वाले थे। हमारे साथ राजा भी आने वाला था। वह न्यूयार्क से शाम तक पहुँचने वाला था मगर जिस विमान सेवा से उसका टिकिट बुक था, हफ्ते भर से उसकी उड़ानें गड़बड़ चल रही थी।


Pratahkal - Suresh Goyal
Updated On 29 Dec 2025 4:57 PM IST
Editorial

Editorial

Next Story