अमेरिकी हिन्दुओं को क्रिसमस का त्यौहार मनाने के लिये कोई बाध्य नहीं करता। जिस तरह हमारे यहां उपासना की स्वतन्त्रता है वैसी ही वहां भी है, इसके बावजूद हिन्दु मन्दिर अगर बहुसंख्यक समुदाय का त्यौहार मनाते हैं तो यह उनकी हरफ से सौजन्यता का एक संकेत है कि किस तरह वे जिस देश में रहते हैं उसमें घुल मिलकर रहने को तत्पर हैं। हमारे यहां तो विद्यालयों में सरस्वती पूजा तक हो जाती हैं तो उंगलियां उठ जाती हैं, सूर्य नमस्कार पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो जाते हैं, नारियल वदारने पर विरोध प्रदर्शन होने लगते हैं। अगर तुलना करें तो


Pratahkal - Suresh Goyal
Editorial

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