चलते चलते हम मॉन्ट्रियल (Montreal) के घने बसे डाउन टाउन इलाके में गाड़ी एक जगह पार्क करके हम आस पास का इलाका देखना चाहते थ पार्किंग की कोई जगह ही नहीं मिल रही थी। सभी साईन बोर्ड भी फ्रेन्च में ये कुछ पता भी नहीं चल रहा था, किसी को पूछो तो कुछ समझ ही नहीं पाता कि हम क्या कह रहे हैं। थोड़ा बहुत का कुछ समझ भी पाता तो वह हमारे इशारों से समझता। मैने कहा जब इशारों की भाषा ही काम लेनी है तो क्या अंग्रेजी क्या हिन्दी (Hindi) इस बार किसी से हिन्दी में पूछते हैं, देखते हैं क्या जवाब आता है।


Pratahkal - Suresh Goyal
Editorial

Editorial

Next Story