ज्यू- जयूं उड़ान का समय आगे बढ़ता गया त्यूं त्यूं यह आशंका घिरने लगी कि इतनी तपस्या तापने के बाद अन्त में कहीं उड़ान रद्द ही नहीं हो जाए। हम सबको यह भरोसा था कि विमान तो यहां पड़ा ही है, मौसम साफ होते ही हमें लेकर उड़ जाएगा। मगर यह भ्रम निकला।


Suresh Goyal
Editorial

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