✕
न्यूयार्क - 4 | टिप देने के नाम पर ही पसीने छूटने लगे
By EditorialPublished on 16 April 2023 5:30 AM IST
मगर एसा कुछ नहीं हुआ। न तो नाम पर बट्टा लगा और न ही कस्टम पर किसी ने रोका। एयरपोर्ट (Airport) की इस तमाम उहापोह के दौरान यह तो मेरे ध्यान से उतर ही गया था कि मेरे सामान में वह दवाई है। भारत में रवानगी के पहले रवि ने भी जिस प्रेस्क्रिप्शन (Prescription) लाने का वादा किया था वह भी लाकर नहीं दिया था। यदि इन चीजों का ध्यान रहता तो शायद मेरी व्यग्रता और बढ जाती।

x

Editorial
Next Story
Related News
X
