सभी वापस अपनी अपनी टेबलों पर बैठ गये। बीच का हिस्सा खाली कर एक कुर्सी लगाई गई और उस पर दुल्हन को बिठा दिया गया। अब वहां उपस्थित सभी कुंवारों को कहा गया कि वे एक तरफ एकत्र हो जायें। राजा शरारतपूर्ण मुस्कान के साथ मुझे भी उठाने लगा और सबको बताने लगा कि ये भी कुंवारे हैं, टेबल पर बैठी सभी स्त्रियां हंसने लगी मैं मन ही मन सोच रहा था कि राजा के साथ ये लड़कियां भी जिद न करने लगे। पर थोड़ी देर ठिठोली करने के बाद सब दुल्हन की तरफ देखने लगे।


Suresh goyal
Editorial

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