वेन्कूवर Vancouver : अगले दिन 23 अग, हो गया था। वेनकूवर में हमारा यह तीसरा दिन था। सुबह जल्दी ही हम विसर के लिये निकलने वाले थे इसलिये जितेन्दर ने हमारे उठने से पहले ही नाश्ता तैयार कर लिया था। उसने मीठे चावल बनाये थे। ये एकदम केसरिया भात जैसे थे। बसन्त पंचमी पर हमारे घरों में केसरिया भात बनता ही है, इसके अलावा शादी के बाद जब बहू घर में आती है तब भी यह बनाया जाता है। जितेन्दर ने मीठे चावलों का रंग बजाय केसरिया के गुलाबी कर दिया था, स्वाद इनका बिल्कुल केसरिया भात जैसे ही था। मेवाड़ के पवित्र धाम चारभुजाजी मे


Yatra Vrutant-Suresh Goyal-Pratahkal-Rajasthan
Editorial

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