बिसलर दोनों पहाड़ों की तलहटी में एक छोटा सा गांव है जो पूर्णतया पर्यटकों पर ही निर्भर है। दुकानों पर स्की, स्की बोर्ड, इनके उपकरण, साइकिलें, के बूट, चश्मे आदि किराये पर मिलते हैं, इनके अलावा खाने-पीने, रहने-के कई स्थान है। ज्यू ही हम इस तलहटी में पहुँचे चारों तरफ ऊंचे ऊंचे जर आ रहे थे। पहाड़ों की चोटियां किसी नवयौवना के घूंघट से ढके सिर तरह नजर आ रही थी, जिन्होंने बर्फ की चादर ओढ़ रखी थी। धारों तरफ पत्थर जड़ित व फूलों झाड़ियों से आच्छादित मार्ग के बीचो बीच प्रागण में पार्किंग व्यवस्था थी। पार्किंग का शुल्क


Yatra Vrutant-Suresh Goyal-Pratahkal-Rajasthan
Editorial

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