वेन्कूवर Vancouver : घर पहुँचे तो जितेन्दर कब से इन्तजार कर रही थी। जल्द ही उसने मक्की की रोटियां सेक दीं। अपने परिवेश से इतनी दूर अपने घर जैसे खाने का स्वाद पा मैं गदगद हो गया। जीतेन्दर को लगा में औपचारिकतावश उसकी प्रशंसा कर रहा हूँ।) अगले दिन 22 ता. हो गई। सोमवार था मगर कुलवन्त ने हमारे लिये यूनिवर्सिटी से दो दिन की छुट्टी ले ली थी। भारत में ही कोई ऐसा नहीं करता तो कनाडा में एसा देख हम कुलवन्त के प्रति नतमस्तक थे। सुबह आरामी से उठे मगर कुलवन्त व जितेन्दर दोनों का कहीं पता नहीं था। कुलवन्त को साइकलिंग का श


Yatra Vrutant-Suresh Goyal-Pratahkal-Rajasthan
Editorial

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