योगी सरकार का मिशन मोड: uppsc परीक्षा के लिए बिछाया सुरक्षा का जाल, DM और SSP को सीधी चेतावनी
यूपी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। 17 से 25 जनवरी तक होने वाली परीक्षा में सुरक्षा के लिए 'डबल लेयर फ्रिस्किंग' और सीसीटीवी लाइव स्ट्रीमिंग अनिवार्य कर दी गई है। 12 लाख से अधिक अभ्यर्थियों वाली इस परीक्षा में एसटीएफ और एलआईयू को अलर्ट पर रखा गया है। जानिए परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए सरकार ने और क्या बड़े इंतजाम किए हैं।

up assistant teacher exam 2026 safety guidelines : उत्तर प्रदेश में युवाओं के भविष्य और सरकारी साख से जुड़ी सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा को लेकर योगी सरकार ने सुरक्षा का अभेद्य किला तैयार कर लिया है। आगामी 17, 18, 24 और 25 जनवरी को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना अब शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि परीक्षा के संचालन में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस विशाल भर्ती अभियान की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सहायक अध्यापक के महज 7466 पदों के लिए प्रदेश भर से 12,36,239 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के प्रबंधन के लिए मुख्य सचिव ने 'डबल लेयर फ्रिस्किंग' (दो स्तरीय तलाशी) का अनिवार्य प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए हैं। स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट की सीधी निगरानी में होने वाली इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष के भीतर किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री न ले जा सके। तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए शासन ने आदेश दिया है कि न केवल परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहेंगे, बल्कि जिला एवं आयोग स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से इनकी लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निरंतर निगरानी की जाएगी।
सुरक्षा के कानूनी और खुफिया पहलुओं पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को चप्पे-चप्पे पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भविष्य की परीक्षाओं को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए एडीएम स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में चिह्नित करने की व्यवस्था पर भी बल दिया। परीक्षा के अलावा, बैठक में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और जनहित की अन्य योजनाओं पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत 'हाउस लिस्टिंग' और आवास गणना का कार्य मई-जून के दौरान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए जिला स्तर पर समन्वय समितियों के गठन की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है।
शासन का ध्यान केवल शिक्षा और प्रशासन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सुधार की तैयारी है। मुख्य सचिव ने 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' तथा 'होमस्टे पॉलिसी' के लंबित प्रस्तावों के निस्तारण हेतु 14 से 30 जनवरी तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार हो सके। साथ ही, गौशालाओं की मॉनिटरिंग के लिए सीसीटीवी लगाने और कुक्कुट व भेड़-बकरी पालन जैसी लाभकारी योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अंततः, सरकार की ये कड़ियां एक ऐसे सुशासन की ओर संकेत करती हैं जहाँ परीक्षाओं की पवित्रता और विकास की गति, दोनों ही शासन की प्राथमिकताओं के केंद्र में हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
