क्या है MahaDBT पोर्टल? राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज छात्रवृत्ति योजना के तहत वापस मिलेगी सारी फीस, जानिए कौन और कैसे कर सकते है आवेदन...
महाराष्ट्र सरकार की राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज शिक्षण शुल्क छात्रवृत्ति योजना (EBC Scholarship) 2025-26 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को फीस में 50% से 100% तक की भारी छूट मिल रही है। 8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवार के छात्र, जो CAP के माध्यम से प्रवेशित हैं, इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज, पात्रता और महाडीबीटी (MahaDBT) पोर्टल पर फॉर्म भरने की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें और अपने उच्च शिक्षा के सपने को पूरा करें।

बढ़ती महंगाई और उच्च शिक्षा की भारी-भरकम फीस ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, लेकिन महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरी है। राज्य सरकार द्वारा संचालित 'राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज शिक्षण शुल्क छात्रवृत्ति योजना' (EBC Scholarship) ने 2025-26 सत्र के लिए हजारों छात्रों के सपनों को नई उड़ान देने का बीड़ा उठाया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
आर्थिक बोझ से मुक्ति: क्या है यह योजना? यह योजना केवल एक स्कॉलरशिप नहीं, बल्कि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के माध्यम से छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की एक मुहिम है। महाडीबीटी (MahaDBT) पोर्टल के माध्यम से संचालित इस योजना के तहत, सरकार तकनीकी, व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों की ट्यूशन और परीक्षा फीस का एक बड़ा हिस्सा वापस (Reimburse) करती है। इसका सीधा लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है।
पात्रता के कड़े नियम: कौन कर सकता है आवेदन?
इस 'गोल्डन चांस' का लाभ उठाने के लिए छात्रों को कुछ विशिष्ट मानदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य है। सबसे पहली शर्त यह है कि छात्र महाराष्ट्र का मूल निवासी (Domicile) होना चाहिए। इसके अलावा, छात्र का प्रवेश 'केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया' (CAP) के माध्यम से किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान (AICTE/PCI/University द्वारा अनुमोदित) में होना आवश्यक है।
योजना की शर्तों के अनुसार, यह लाभ एक परिवार के केवल पहले दो बच्चों को ही मिल सकता है। साथ ही, छात्र का पाठ्यक्रम पूर्णकालिक (Full-time) होना चाहिए और पढ़ाई के दौरान कोई लंबा अंतराल (Gap) नहीं होना चाहिए। यदि छात्र ने उसी शैक्षणिक वर्ष के लिए किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ उठाया है, तो वह इस योजना के लिए अपात्र माना जाएगा।
छात्रों को क्या मिलेगा लाभ?
विभिन्न विभागों और पाठ्यक्रमों के अनुसार लाभ की राशि अलग-अलग हो सकती है। आम तौर पर, छात्रों को उनकी ट्यूशन फीस और परीक्षा शुल्क का 50% से 100% तक वापस मिल जाता है। विशेष रूप से तकनीकी पाठ्यक्रमों में लड़कियों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है, जहाँ उन्हें कई मामलों में 100% फीस वापसी का प्रावधान है, जबकि लड़कों के लिए यह सीमा 50% तक हो सकती है। यह राशि सीधे छात्रों के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाती है।
आवेदन के लिए तैयार रखें ये दस्तावेज (2025-26)
आगामी सत्र के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए छात्रों को निम्नलिखित दस्तावेजों का सेट पहले से तैयार रखना होगा:
- आधार कार्ड: मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है।
- मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): महाराष्ट्र का निवासी होने का सबूत।
- आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार द्वारा जारी चालू वर्ष का प्रमाण पत्र।
- जाति प्रमाण पत्र: यदि आरक्षित श्रेणी (Cast) के तहत आवेदन कर रहे हैं।
- शैक्षणिक दस्तावेज: 10वीं और 12वीं की मार्कशीट। यदि ग्रेजुएशन हो चुका है, तो पिछले वर्ष का परिणाम।
- बोनाफाइड सर्टिफिकेट या फीस रसीद: चालू वर्ष के लिए प्रवेश का सबूत।
- बैंक पासबुक: आधार से लिंक होना चाहिए।
- गैप सर्टिफिकेट: यदि पढ़ाई में अंतर है, तो शपथ पत्र।
- CAP अलॉटमेंट लेटर: विशेषकर प्रथम वर्ष (F.Y.) डिग्री छात्रों के लिए।
- राशन कार्ड/घोषणा पत्र: माता-पिता की जानकारी और बच्चों की संख्या के लिए।
राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज शिक्षण शुल्क छात्रवृत्ति योजना ने यह सुनिश्चित किया है कि पैसे की कमी किसी भी छात्र की प्रतिभा के आड़े न आए। 2025-26 के सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द ही गति पकड़ेगी, अतः छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतज़ार किए बिना अपने दस्तावेज दुरुस्त कर लें और महाडीबीटी पोर्टल पर नजर बनाए रखें।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
