क्या है 'ताज महोत्सव' और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत? जानें कैसे इस 10 दिन के जश्न का उठा सकते हैं लुत्फ़
आगरा में आयोजित ताज महोत्सव भारत की कला, शिल्प, संगीत और व्यंजन परंपरा का भव्य उत्सव है। 35वां ताज महोत्सव 2026 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और विशेष प्रवेश व्यवस्था के साथ पर्यटकों को अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।

ताज महल, आगरा
भारत की सांस्कृतिक विरासत जब अपने रंग, राग और रूप के साथ एक मंच पर सजीव होती है, तो वह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं होता। आगरा की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित होने वाला ताज महोत्सव ऐसा ही एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन है, जो कला, शिल्प, संगीत, नृत्य और व्यंजन की विविधता को एक साथ प्रस्तुत करता है। विश्वप्रसिद्ध ताज महल की पृष्ठभूमि में आयोजित यह महोत्सव देश-विदेश के कलाकारों और शिल्पकारों के लिए एक प्रतिष्ठित मंच बन चुका है।
ताज महोत्सव क्या है?
ताज महोत्सव उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव है। इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध पारंपरिक कला और शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाना है। इस महोत्सव में देशभर के कारीगर, लोक कलाकार, प्रसिद्ध गायक, नर्तक और पाक-विशेषज्ञ भाग लेते हैं। यह उत्सव केवल प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम भी है, जहाँ परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
ताज महोत्सव की शुरुआत कैसे हुई?
ताज महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1992 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य आगरा की ऐतिहासिक पहचान को सांस्कृतिक उत्सव के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाना था। प्रारंभ में यह आयोजन सीमित स्तर पर हुआ, लेकिन समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और आज यह एक अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुका है। इस पहल के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग की सोच थी कि ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों को भारत की विविध कला और संस्कृति का भी अनुभव कराया जाए।
ताज महोत्सव में क्या-क्या होता है?
ताज महोत्सव के दौरान कई प्रमुख गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं:
- सांस्कृतिक संध्या और मंचीय प्रदर्शन – देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार लोकनृत्य, शास्त्रीय संगीत, नाटक और नृत्य प्रस्तुत करते हैं। प्रसिद्ध कलाकारों के साथ-साथ उभरती प्रतिभाओं को भी मंच मिलता है।
- हस्तशिल्प प्रदर्शनी – लकड़ी की नक्काशी, संगमरमर की कलाकृतियाँ, पीतल और धातु शिल्प, हस्तनिर्मित कालीन, मिट्टी के बर्तन और पारंपरिक आभूषण जैसे उत्पाद प्रदर्शित और विक्रय किए जाते हैं।
- खानपान उत्सव – देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होते हैं, जो आगंतुकों को विविध स्वादों का अनुभव कराते हैं।
- मेला और मनोरंजन गतिविधियाँ – बच्चों और वयस्कों के लिए झूले, खेल और अन्य मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
यह महोत्सव कला और व्यापार दोनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण मंच बन जाता है।
35वां ताज महोत्सव 2026 – कार्यक्रम और समय-सारिणी
वर्ष 2026 में आयोजित होने वाला 35वां ताज महोत्सव सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आमतौर पर यह महोत्सव फरवरी माह में आयोजित किया जाता है और लगभग 10 दिनों तक चलता है। प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला, शिल्प प्रदर्शनी और व्यंजन उत्सव निर्धारित समयानुसार आयोजित किए जाते हैं।
प्रवेश शुल्क और टिकट विवरण (2026)
35वें ताज महोत्सव 2026 के लिए प्रवेश शुल्क निम्नानुसार निर्धारित किया गया है:
- वयस्क: ₹50 प्रति व्यक्ति
- 3 वर्ष तक के बच्चे: निःशुल्क
- विदेशी पर्यटक: निःशुल्क
- 50 विद्यार्थियों का स्कूल समूह (स्कूल यूनिफॉर्म में): ₹700
- स्कूल समूह के साथ 2 शिक्षक: निःशुल्क प्रवेश
यहाँ प्रवेश और टिकट पंजीकरण किया जा सकता है।
यह शुल्क संरचना आम नागरिकों और विद्यार्थियों को सांस्कृतिक कार्यक्रम से जोड़ने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है।
ताज महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है। यह आयोजन स्थानीय कारीगरों और कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करता है, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिलती है। साथ ही, यह महोत्सव पर्यटन को बढ़ावा देता है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करता है और युवा पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का कार्य करता है। विभिन्न क्षेत्रों की कला और संस्कृति के एक साथ प्रदर्शन से राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता का संदेश भी प्रसारित होता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
