दिल्ली सरकार ने 1 अप्रैल से 'लाडली' की जगह 'लखपति बिटिया योजना' शुरू करने का एलान किया है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। जानें योजना की पात्रता, किस्तों का विवरण और 180 करोड़ के इस बड़े बजट के पीछे की पूरी रणनीति। क्या आपकी बेटी भी होगी इसकी पात्र? पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

Lakhpati Bitiya Yojana Delhi Government : दिल्ली की बेटियों के भविष्य को नई उड़ान देने और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने 'लखपति बिटिया योजना' (Lakhpati Bitiya Yojana) के शुभारंभ की घोषणा की है। आगामी 1 अप्रैल से प्रभावी होने वाली यह योजना दिल्ली सरकार की 18 साल पुरानी 'लाडली योजना' का स्थान लेगी। इस नई पहल का उद्देश्य न केवल कन्याओं के जन्म के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है, बल्कि उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह में आने वाली वित्तीय बाधाओं को जड़ से समाप्त करना भी है।

योजना का स्वरूप और लाभ वितरण की प्रक्रिया :

'लखपति बिटिया योजना' को बेहद व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है। योजना के तहत, दिल्ली सरकार पात्र बेटियों के नाम पर किस्तों में कुल ₹56,000 की मूल राशि जमा करेगी। यह राशि बेटी के जीवन के विभिन्न शैक्षणिक और व्यक्तिगत मील के पत्थरों (Milestones) पर हस्तांतरित की जाएगी। भुगतान की संरचना कुछ इस प्रकार निर्धारित की गई है:

  • जन्म के समय : योजना के पंजीकरण के साथ ही ₹11,000 की पहली किस्त जमा की जाएगी।
  • स्कूली शिक्षा : विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के दौरान ₹5,000-₹5,000 की प्रोत्साहन राशियाँ प्रदान की जाएंगी।
  • उच्च शिक्षा : स्नातक या उच्च शिक्षा के स्तर पर पहुँचने पर ₹20,000 की विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी।

सरकार का अनुमान है कि संचित ब्याज के साथ, जब बेटी 21 वर्ष की आयु पूर्ण करेगी या अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करेगी, तब यह राशि बढ़कर कम से कम ₹1 लाख हो जाएगी। इस धनराशि को प्राप्त करने के लिए बेटी का अविवाहित होना और अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य शर्त होगी।

पात्रता मानदंड और बजटीय प्रावधान :

इस ₹160 करोड़ के महात्वाकांक्षी कार्यक्रम का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय ₹1.2 लाख से कम है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को इस योजना के दायरे में लाया जा सकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे, आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। कानूनी और आधिकारिक दृष्टिकोण से, यह योजना बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा तंत्र के रूप में कार्य करेगी।



विभाजित जनमत और राजनीतिक प्रतिक्रिया :

योजना की घोषणा के साथ ही डिजिटल गलियारों और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है। समर्थकों का एक बड़ा वर्ग इसे शिक्षा और महिला कल्याण में एक दूरदर्शी निवेश मान रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सशक्त बनाएगा। दूसरी ओर, आलोचकों ने बुनियादी ढांचे की समस्याओं के बीच इतनी भारी धनराशि के आवंटन पर सवाल उठाए हैं। कुछ विपक्षी दलों ने इसे आगामी चुनावों को देखते हुए 'लोक-लुभावन' रणनीति करार दिया है।

Updated On 11 Feb 2026 7:30 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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