IIL ने ऑस्ट्रेलियाई चेतावनी को भ्रामक बताया और अभयरैब वैक्सीन की सुरक्षा की पुष्टि की। कंपनी ने नकली बैच की पहचान कर उसे वापस लिया, और बताया कि वैक्सीन WHO-GMP मानकों के अनुसार सुरक्षित है। भारत और 40 देशों में 21 करोड़ से अधिक खुराकें वितरित हो चुकी हैं।

rabies prevention India 2025 : भारत की अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनियों में से एक, इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) ने मानव एंटी-रेबीज वैक्सीन ‘अभयरैब’ को लेकर हाल ही में आई ऑस्ट्रेलियाई चेतावनी पर स्पष्टता दी है। कंपनी ने कहा कि यह सलाह अत्यधिक सतर्कता से भरी और भ्रामक है। IIL ने दावा किया कि कथित नकली बैच KA24014 (निर्माण तिथि मार्च 2024, समाप्ति फरवरी 2027) की पहचान जनवरी 2025 में की गई थी और इसे तुरंत बाजार से वापस ले लिया गया।

कंपनी ने बताया कि वर्ष 2000 से अभयरैब वैक्सीन का निर्माण हो रहा है और अब तक भारत समेत 40 से अधिक देशों में 21 करोड़ से अधिक खुराकें वितरित की जा चुकी हैं। वर्तमान में भारत में इस वैक्सीन की बाजार हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। IIL ने यह भी स्पष्ट किया कि जनवरी 2025 में पैकेजिंग असामान्यता का पता चलते ही अधिकारियों को सूचित किया गया और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

IIL ने कहा कि भारत में निर्मित प्रत्येक बैच को केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला द्वारा जांच और मंजूरी दी जाती है। कंपनी ने अभयरैब वैक्सीन को WHO-GMP मानकों वाली शुद्ध सेल-कल्चर वैक्सीन बताते हुए कहा कि यह प्री-एक्सपोज़र और पोस्ट-एक्सपोज़र दोनों स्थितियों में उपयोगी है और पूरी तरह सुरक्षित है।

इस बीच, ऑस्ट्रेलियन टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (ATAGI) और CDC जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने यात्रियों के लिए सतर्कता जारी की है। CDC ने भारत और हैती से लौटे यात्रियों में रेबीज मामलों के मद्देनजर पशुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। IIL ने कहा कि कंपनी की सभी आपूर्ति सरकारी संस्थाओं और अधिकृत वितरकों के माध्यम से की जाती है और पूरी तरह सुरक्षित तथा मानक गुणवत्ता की है।

इस बयान के माध्यम से IIL ने न केवल वैक्सीन की सुरक्षा को रेखांकित किया, बल्कि भारत में अभयरैब वैक्सीन के भरोसे और वैश्विक मानकों पर खरा उतरने की पुष्टि भी की।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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