कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट में खामियां बताते हुए सबूतों को अपर्याप्त माना। अदालत से क्लीन चिट मिलने के बाद भावुक हुए केजरीवाल ने इसे सत्य की जीत और राजनीतिक षड्यंत्र का अंत बताया है।

नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से आज आम आदमी पार्टी के लिए एक ऐसी खबर आई जिसने दिल्ली की राजनीति में भूचाल ला दिया है। दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े बहुचर्चित कथित घोटाले में अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और तत्कालीन आबकारी कमिश्नर कुलदीप सिंह को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। जैसे ही न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया, अदालत परिसर में सन्नाटा पसर गया और महीनों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे 'आप' नेताओं के चेहरे पर राहत के भाव साफ देखे गए। क्लीन चिट मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए अरविंद केजरीवाल अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। रूंधे गले से उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी को एक सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी केस में फंसाया गया था, लेकिन आज सत्य की जीत हुई है।

अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल संदेह या आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि न्याय प्रक्रिया में ठोस और अकाट्य सबूतों की अनिवार्यता सर्वोपरि है। विशेष न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि सीबीआई द्वारा पेश की गई चार्जशीट में गंभीर खामियां थीं और जांच एजेंसी की ओर से दाखिल साक्ष्य इतने कमजोर थे कि उनके आधार पर दोषसिद्धि संभव नहीं थी। कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि जब मामला संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से जुड़ा हो, तो जांच एजेंसी के पास पर्याप्त और पुख्ता आधार होना चाहिए, जिसकी इस मामले में स्पष्ट कमी देखी गई।

यह फैसला केवल एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक कवच बनकर उभरा है। 2022-23 की आबकारी नीति को लेकर उपजे इस विवाद ने न केवल दिल्ली सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे, बल्कि इसके शीर्ष नेताओं को एक लंबे अरसे तक सलाखों के पीछे रहने पर मजबूर कर दिया था। अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को 'राजनीतिक षड्यंत्र' करार देते हुए कहा कि यह उनकी ईमानदारी पर प्रहार करने की कोशिश थी। हालांकि, जांच एजेंसी सीबीआई ने इस फैसले को अंतिम मानने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई इस निर्णय से संतुष्ट नहीं है और जल्द ही इस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

इस ऐतिहासिक फैसले का प्रभाव आने वाले समय में दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा पड़ना तय है। जहां एक ओर आम आदमी पार्टी इस जीत को जनता के बीच अपनी ईमानदारी के प्रमाण के रूप में पेश करेगी, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियों के लिए उच्च न्यायालय में अपनी साख बचाना एक बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, राउज एवेन्यू कोर्ट के इस आदेश ने केजरीवाल और सिसोदिया के राजनीतिक करियर को एक नई संजीवनी प्रदान की है, जिससे राजधानी के सियासी समीकरण एक बार फिर पूरी तरह बदल गए हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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