नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'India AI Impact Summit 2026' का भव्य शुभारंभ! PM मोदी के नेतृत्व में जुटी दुनिया की दिग्गज हस्तियां—मैक्रों, पिचाई और बिल गेट्स करेंगे भविष्य की तकनीक पर मंथन। $1.25 बिलियन के IndiaAI मिशन के तहत 500 से अधिक सत्रों में तय होगा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य। जानिए कैसे भारत बन रहा है ग्लोबल AI हब।

India AI Impact Summit 2026 : भारत की राजधानी आज एक नए डिजिटल युग की गवाह बनने जा रही है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में 'India AI Impact Summit 2026' का भव्य आगाज़ हो चुका है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाला यह पाँच दिवसीय शिखर सम्मेलन केवल एक तकनीकी आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य को नया आकार देने वाली एक ऐतिहासिक घटना है। विश्व के सबसे शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से लेकर सिलिकॉन वैली के तकनीकी दिग्गजों तक, आज सभी की नज़रें दिल्ली पर टिकी हैं, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक और सामाजिक प्रभाव पर महामंथन शुरू हो गया है।

वैश्विक नेतृत्व और तकनीकी दिग्गजों का समागम :

इस शिखर सम्मेलन की भव्यता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा जैसे वैश्विक नेता शिरकत कर रहे हैं। तकनीकी जगत के स्तंभ कहे जाने वाले सुंदर पिचाई (Google), सैम ऑल्टमैन (OpenAI) और बिल गेट्स की उपस्थिति इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयां प्रदान कर रही है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधिकारिक तौर पर इस समिट का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री का संबोधन मुख्य रूप से 'पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस' (लोग, ग्रह और प्रगति) के विजन पर केंद्रित होगा, जो यह दर्शाता है कि भारत AI को केवल विकास के औजार के रूप में नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के सेतु के रूप में देखता है।

IndiaAI मिशन: $1.25 बिलियन का रोडमैप :

यह शिखर सम्मेलन भारत सरकार के $1.25 बिलियन (लगभग ₹10,000 करोड़ से अधिक) के महत्वाकांक्षी 'IndiaAI मिशन' के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इस विशाल निवेश का उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर AI हब बनाना और स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना है। आयोजन के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा अत्यंत व्यापक है:

  • सत्र : 500 से अधिक विशेष सत्रों में AI के भविष्य पर चर्चा होगी।
  • प्रतिनिधि : अमेज़न (Amazon), एक्सेंचर (Accenture) और अन्य फॉर्च्यून 500 कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व इसमें शामिल हैं।
  • मुख्य विषय : नैतिक AI का विकास और ऐसी तकनीक का निर्माण जो अरबों लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कर सके।

नैतिक AI और भविष्य की दिशा :

एक्सेंचर और अमेज़न जैसी वैश्विक कंपनियों के नेतृत्व ने भारत के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे 'एथिकल AI' (नैतिक एआई) की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन वैश्विक कूटनीति और प्रौद्योगिकी के एकीकरण का एक नया अध्याय लिखेगा। पाँच दिनों तक चलने वाली यह चर्चा केवल कोड और एल्गोरिदम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह तय करेगी कि कैसे तकनीक समावेशी विकास का माध्यम बन सकती है। भारत मंडपम से उठने वाली ये गूँज आने वाले दशकों तक वैश्विक तकनीकी नीतियों को प्रभावित करेगी, जिससे भारत न केवल एक बाजार के रूप में, बल्कि एक विचारशील नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी स्थिति सुदृढ़ करेगा।

Updated On 16 Feb 2026 12:41 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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