डीग: ब्रज की विरासत और श्रद्धा के संरक्षण हेतु जिला प्रशासन मुस्तैद, कलेक्टर उत्सव कौशल ने परिक्रमा मार्ग और ऐतिहासिक स्थलों का लिया जायजा
डीग जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने कामां में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग और ऐतिहासिक चौरासी खंभा मंदिर का सघन निरीक्षण किया। हेरिटेज संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जानिए कैसे प्रशासन ब्रज की धार्मिक विरासत को संवारने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक्शन मोड में है।

डीग, 07 जनवरी। ब्रज की पावन धरा और इसकी सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहरों को संजोने के लिए जिला प्रशासन अब एक नई और प्रभावी कार्ययोजना के साथ धरातल पर उतर आया है। डीग के नवनियुक्त जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने बुधवार को कामां उपखंड क्षेत्र का सघन दौरा कर स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुगमता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह दौरा महज एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के कायाकल्प और पुरातात्विक स्थलों को उनके प्राचीन गौरव के साथ संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर उत्सव कौशल ने अपने दौरे की शुरुआत कामां के प्रसिद्ध गोकुल चंद्रमा जी और मदन मोहन जी मंदिरों से की। मंदिर परिसरों में पहुँचकर उन्होंने न केवल श्रद्धा के साथ मत्था टेका, बल्कि वहां की प्रबंधकीय व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से विश्लेषण भी किया। उन्होंने वहां उपस्थित पुजारियों और प्रबंधकों से सीधे संवाद करते हुए बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की औसत संख्या और उनके ठहरने की सुविधाओं पर चर्चा की। आगामी मेलों और त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर ने एक ऐसी 'क्राउड मैनेजमेंट' रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और सुरक्षा के मानक भी बने रहें।
विरासत संरक्षण के अध्याय में, कोट ऊपर स्थित ऐतिहासिक 'चौरासी खंभा' मंदिर का निरीक्षण विशेष रहा। वहां की अनुपम स्थापत्य कला और प्राचीन कलाकृतियों को निहारते हुए जिला कलेक्टर ने पुरातत्व विभाग के प्रतिनिधियों से स्मारक के इतिहास और उसकी वर्तमान चुनौतियों पर तकनीकी विमर्श किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि इस अमूल्य धरोहर के संरक्षण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके संवर्धन के लिए विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे।
श्रद्धालुओं की बुनियादी जरूरतों को लेकर प्रशासन का कड़ा रुख तब देखने को मिला जब कलेक्टर चरण पहाड़ी मंदिर, भोजनथाली और क्षीर सागर पहुंचे। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर व्यवस्थाएं सुधार की मांग कर रही हैं। उन्होंने उपखंड अधिकारी कामां और नगर पालिका अधिशासी अधिकारी नटवर को कड़े निर्देश दिए कि प्रमुख मंदिरों के समीप स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। परिक्रमा मार्ग को लेकर उन्होंने विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि मार्ग में प्रकाश की पुख्ता व्यवस्था हो ताकि श्रद्धालुओं को अंधेरे का सामना न करना पड़े। स्वच्छता को लेकर उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि धार्मिक मार्ग पर गंदगी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।
इस पूरे निरीक्षण अभियान के दौरान कामां उपखंड अधिकारी, नगर पालिका ईओ नटवर, पंचायत समिति के वरिष्ठ अधिकारी और पुरातत्व विभाग के प्रतिनिधि साथ रहे। जिला कलेक्टर के इस सक्रिय रुख से यह साफ है कि आने वाले समय में डीग जिले की धार्मिक पर्यटन क्षमता को न केवल नई पहचान मिलेगी, बल्कि ब्रज की पारंपरिक विरासत भी आधुनिक प्रबंधकीय कौशल के साथ और अधिक सुरक्षित होगी।

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