डीग में आठ दिन से लापता 13 वर्षीय खेमेश सकुशल घर लौट आया। जेल प्रहरी मां ने बेटे को देखते ही गले लगा लिया और खुशी के आंसू छलक पड़े। खेमेश ने बताया कि वह मां की डांट के डर से घर नहीं लौटा था और आठ दिन तक मथुरा-वृंदावन में भटकता रहा। परिवार में अब राहत का माहौल है।

डीग। आठ दिन की बेचैनी, चिंता और उम्मीदों के बीच मंगलवार को एक मां की आंखों में आखिरकार राहत के आंसू छलक पड़े। आठ दिन पहले रहस्यमयी ढंग से लापता हुआ 13 वर्षीय खेमेश सकुशल घर लौट आया। जैसे ही जेल प्रहरी मां ने बेटे को देखा, उनका कलेजा भर आया। भावुक मां ने बेटे को सीने से लगाया और फूट-फूट कर रो पड़ीं। यह नज़ारा देखकर आस-पास मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।

जानकारी के अनुसार, खेमेश उर्फ गुड्डू 27 अक्टूबर को अचानक लापता हो गया था। डीग जिला कारागृह में जेल प्रहरी के रूप में कार्यरत उसकी मां उस दिन ड्यूटी पर थीं। सुबह करीब 11 बजे खेमेश खेलते हुए जेल आवास से बाहर निकला और फिर घर नहीं लौटा। जब देर शाम तक कोई खबर नहीं मिली, तो मां ने सदर थाना डीग में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार ने हर जगह तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला।

मंगलवार सुबह बहताना के पास रामबाग रोड पर कुछ लोगों ने खेमेश को देखा और तुरंत उसकी मां को सूचना दी। मां मौके पर पहुंचीं और बेटे को सुरक्षित देखकर उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बाद में वह बेटे को लेकर थाने पहुंचीं और पुलिस को पूरी जानकारी दी कि बच्चा सुरक्षित घर लौट आया है।

खेमेश ने पुलिस को बताया कि वह मां की डांट के डर से घर नहीं लौटा था। उसने खुलासा किया कि डीग बस स्टैंड से वह गलती से किसी वाहन में बैठ गया और मथुरा पहुंच गया। वहां से उसने वृंदावन और गोवर्धन के मंदिरों में दिन बिताए। आठ दिनों तक उसने मंदिरों के भंडारों से भोजन किया और रातें साधुओं की कुटियाओं में गुज़ारीं। इतने दिनों तक उसने वही कपड़े पहने रखे — टी-शर्ट और लोअर — जो उसने घर से निकलते समय पहने थे।

घर लौटने के बाद खेमेश के नाना-नानी उसे अपने साथ अलवर ले गए। परिवार अब राहत की सांस ले रहा है। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, खासकर उस मां के लिए जो हर दिन अपने कर्तव्य के साथ-साथ अपने बेटे की सलामती के लिए दुआ मांगती रही।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मां का धैर्य, विश्वास और प्रेम किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है। पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी थी, जिससे बच्चा सुरक्षित घर लौट सका।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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