दौसा जिले में निर्माण उपकर न जमा करने वाले ठेकेदारों पर श्रम विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। ब्याज, पेनल्टी और कुर्की सहित प्रक्रिया लागू, जिससे निर्माण कार्यों में अनुशासन और श्रमिकों के कल्याण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

दौसा। जिले में अब भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर (सेस) का भुगतान नहीं करने वाले नियोजक और ठेकेदारों पर श्रम विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपकर जमा नहीं करवाने वालों के खिलाफ अब ब्याज सहित निर्धारण आदेश, पेनल्टी और अंततः कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। यह कदम जिले में निर्माण कार्यों से जुड़ी अनियमितताओं को रोकने और श्रमिक कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

राज्य में निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के वित्त पोषण के लिए भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 और नियम 1998 के तहत 27 जुलाई 2009 से सभी निर्माण कार्यों पर 1 प्रतिशत उपकर अनिवार्य है। नियोजक या ठेकेदार को निर्माण कार्य शुरू होने से 30 दिन पहले श्रम विभाग को सूचना देना आवश्यक है। इसके साथ ही, बीओसीडब्ल्यू एक्ट की धारा 46 के तहत भी 30 दिन के भीतर निर्माण कार्य की सूचना देना अनिवार्य है।

श्रम विभाग ने बताया है कि उपकर अधिनियम 1996 की धारा 4 के तहत संबंधित रिटर्न समय पर प्रस्तुत करना भी अनिवार्य है। निर्माण कार्य पूर्ण होने या एक वर्ष पूरे होने के 30 दिन के भीतर उपकर जमा नहीं करने पर 2 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज लगाया जाएगा। यदि उपकर निर्धारण आदेश जारी होने के बाद भी राशि जमा नहीं होती, तो उपकर के बराबर शास्ति (पेनल्टी) लगाई जाएगी और मामला भू-राजस्व अधिनियम के तहत जिला कलेक्टर (वसूली) के माध्यम से वसूली में जाएगा।

दौसा जिले में श्रम कल्याण अधिकारी राकेश कुमार मीना ने बताया कि जिले के करीब 1200 नियोजक और ठेकेदारों को अंतिम उपकर सुनवाई नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब उपकर राशि जमा नहीं करवाने वालों पर ब्याज सहित निर्धारण आदेश, उसके बाद पेनल्टी और अंत में कुर्की कार्रवाई की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

श्रम विभाग की यह पहल न केवल निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और अनुशासन लाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिले के निर्माण श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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