जिला प्रशासन और एनडीआरएफ ने भूकंप और आईओसीएल पाइपलाइन लीकेज जैसी स्थितियों में बचाव कार्यों और विभागों के आपसी समन्वय का पूर्वाभ्यास किया।

विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और रेस्क्यू टीमों के रिस्पॉन्स टाइम को परखा

सुनील सत्यवादी, दौसा, 18 फरवरी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) वडोदरा यूनिट की ओर से जिले में भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए बुधवार को यहां जिला कलक्ट्रेट परिसर में मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) का सफल आयोजन किया गया, जिसमें बचाव के प्रायोगिक तरीकों का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और रेस्क्यू टीमों के रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) की जांच की गई।


आपदा का दृश्य और त्वरित कार्यवाही

दोपहर बाद तीन बजे जिला कंट्रोल रूम से विभिन्न विभागों को बहुमंजिला इमारत में उच्च तीव्रता के भूकंप से नुकसान होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ के साथ स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, नागरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन दल तत्काल मौके पर पहुंचे।

  • पुलिस ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्रा को कवर किया।
  • अन्य संबंधित एजेंसियों ने कटर और सर्च लाइट जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कार्यवाही की।
  • साथ ही छत पर फंसे लोगों को जिप लाइन के जरिए उतारने का लाइव अभ्यास किया गया।
  • घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार देने के लिए मौके पर ही ’मेडिकल एड पोस्ट’ बनाया गया।
  • इस दौरान पांच घायलों को चिह्नित कर उन्हें समय पर एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
  • इस अभ्यास में स्काउट-गाइड्स ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

प्रशासनिक समीक्षा एवं अधिकारियों के वक्तव्य

जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार और पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर पूरी कार्यवाही की समीक्षा की।

"भूकंप से बिल्डिंग गिरने के कारण मलबे में दबने और छत पर फंसे लोगों को बचाने का अभ्यास किया गया। इसमें एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, मेडिकल, पुलिस और होमगार्ड इन सभी ने मिलकर बहुत ही बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमारा रिस्पॉन्स टाइम अच्छा रहा।" — जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार

उन्होंने रेस्क्यू टीमों के तालमेल की सराहना की और भविष्य में इन कौशलों को और अधिक उन्नत करने के निर्देश दिए।

एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट प्रवीण कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की तरफ से साल में एक बार हर जिले में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है। बुधवार को दौसा में भूकंप के संबंध में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

"इसमें भूकंप के दौरान बिल्डिंग्स के गिरने और लोगों के नुकसान होने पर उनके बचाव और राहत कार्य को अंजाम देने का अभ्यास किया गया। इसमें जिला प्रशासन, जिला पुलिस, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड और अस्पताल इन सब एजेंसीज ने मिलकर अच्छा काम किया है।"

उन्होंने बताया कि यहाँ पर क्रिएट किए गए सीन में पांच लोगों के दबे होने की सूचना थी। उनको सभी एजेंसीज ने मिलकर जल्द से जल्द रेस्क्यू किया और सबको वहां से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया गया। उसके बाद एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें रेस्क्यू एजेंसीज के उपयोग में आने वाले उपकरणों के बारे में बताया गया।


उपस्थित अधिकारीगण

इस अवसर पर निम्नलिखित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे:

  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमन्त कलाल
  • अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविन्द शर्मा
  • उपखंड अधिकारी संजू मीणा
  • नगर परिषद आयुक्त कमलेश मीणा
  • नगर सुधार न्यास सचिव मूलचंद लूणिया

आईओसीएल पाइपलाइन लीकेज की भी मॉक ड्रिल

इसी प्रकार जिले के नांगल राजावतान क्षेत्र अंतर्गत रामथला गांव में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की ओर से बुधवार को जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार की उपस्थिति में मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से भूमिगत पेट्रोलियम पाइप लाइन में संभावित लीकेज या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कंपनी और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों एवं समन्वय को परखा गया।

जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल में आईओसीएल की पाइपलाइन में लीकेज होने के बाद उसमें आग लगने का सिनेरियो रखा गया था, जिसमें मेडिकल, आईओसीएल की अपनी टीम और फायर ब्रिगेड ने मिलकर अभ्यास को पूरा किया।

Updated On 18 Feb 2026 8:00 PM IST
Pratahkal Newsroom

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