दौसा नगर परिषद की अंतिम बैठक में पार्षदों का जनता मुद्दों पर मौन, विवादों में उलझी कार्यवाही
दौसा नगर परिषद की अंतिम बैठक में पार्षद जनता से जुड़े मुद्दों पर मौन रहे, विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच रोड लाइट, सफाई और विकास कार्यों पर ठोस निर्णय नहीं निकला। आयुक्त ने कार्यवाही और बजट स्थिति पर स्पष्टता दी।

दौसा। दौसा नगर परिषद की मौजूदा बोर्ड की अंतिम बैठक गुरुवार को अंबेडकर भवन में आयोजित की गई, लेकिन यह बैठक अपने उद्देश्य से भटकते हुए विवादों का केंद्र बन गई। सभापति कल्पना जैमन के निर्देश पर बुलाई गई इस विशेष बैठक का उद्देश्य था, जयपुर से प्राप्त बजट का सभी वार्डों में समान और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना और पार्षदों द्वारा उठाए गए विकास प्रस्तावों पर चर्चा करना।
बैठक शुरू होते ही पार्षद मुख्य मुद्दों से भटककर आपसी खींचतान में उलझ गए। जनता से जुड़े सड़क, सफाई, पानी और विकास कार्यों जैसे विषयों पर चर्चा कम और व्यक्तिगत या वार्ड-स्तरीय मुद्दों पर बहस अधिक देखने को मिली। आरोप-प्रत्यारोप का दौर करीब दो घंटे तक चलता रहा, लेकिन बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका। कई पार्षद पूरी तरह से दर्शक बने रहे, जबकि कुछ ने अपनी “अंतिम भड़ास” निकालने पर जोर दिया।
बैठक में उत्पन्न हंगामे के बाद आयुक्त कमलेश कुमार मीणा ने मामले पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में 15-15 लाख रुपये के विकास कार्य प्रस्ताव लिखित रूप में प्रस्तुत किए थे, जिनके आधार पर बैठक आयोजित की गई थी। आयुक्त ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से रोड लाइट, सफाई और विकास कार्यों से संबंधित समस्याओं को उठाया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दीपावली से पहले लगभग दो लाख रोड लाइटें खरीदी गई थीं, लेकिन आवश्यक एसेसरीज नगर परिषद तक अभी तक नहीं पहुंची हैं। आयुक्त ने कहा कि सेंट्रलाइज्ड टेंडर प्रक्रिया के कारण कई वार्डों में अभी भी अंधेरा है। डीएलबी (नगर निकाय निदेशालय) को पत्र लिखकर शीघ्र सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा, कुछ पार्षद पतियों की मौजूदगी को लेकर भी विवाद पैदा हुआ। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के नियमों के अनुसार केवल निर्वाचित पार्षद ही सभा में उपस्थित हो सकते हैं, और नियम उल्लंघन करने वालों को सदन से बाहर किया गया।
बैठक समाप्त होने के बाद शहर में रोड लाइट, विकास कार्य और पारदर्शिता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अंतिम बैठक में जनता से जुड़े मुद्दों पर पार्षदों की चुप्पी और विवादों में उलझी कार्यवाही ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं कि आगामी विकास कार्यों की जिम्मेदारी किस स्तर तक पार्षद निभाएंगे।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
