Unnao Gangrape Case की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले अदालत के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। पीड़िता के समर्थन में महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया। इस बीच कुलदीप सेंगर के वकील ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया, जबकि CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल कोर्ट में मौजूद रहे।

Unnao gangrape case Supreme Court hearing news : उन्नाव गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट की अहम सुनवाई से पहले सोमवार को अदालत परिसर के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता सुप्रीम कोर्ट के बाहर एकत्र हुईं और प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न महिला संगठनों से जुड़ी आम महिलाएं भी शामिल रहीं। बढ़ती भीड़ और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।

सुप्रीम कोर्ट के बाहर पीड़िता के समर्थन में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें वाहन से उतरने तक की अनुमति नहीं दी। अलका लांबा ने कहा कि वे उन्नाव की पीड़िता के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट आई थीं, लेकिन पुलिस उन्हें प्रदर्शन करने या वहां रुकने की इजाजत नहीं दे रही है। उनके इस आरोप के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल और तेज हो गई।

प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं ‘नारी न्याय’ लिखे बैनर और बैज पहने नजर आईं। दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पुष्पा सतबीर सिंह सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करती दिखीं। कुछ ही देर में पुलिस ने उन्हें अन्य महिला प्रदर्शनकारियों के साथ डिटेन कर बस में बैठा दिया और इलाके से हटा दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।

महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पीड़िता सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद है और उसकी स्थिति स्थिर है। योगिता भयाना ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका से न्याय की उम्मीद है और यदि पहले दिया गया फैसला सही नहीं पाया जाता है, तो अदालत उसमें बदलाव कर सकती है।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के वकील शशि त्रिपाठी ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा रखना चाहिए और भारतीय न्याय व्यवस्था मजबूत है। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता भी कोर्टरूम में मौजूद रहे, जिससे इस मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता साफ झलकती है।

उन्नाव गैंगरेप केस से जुड़ी यह सुनवाई न केवल पीड़िता के लिए बल्कि पूरे देश में न्याय और महिला सुरक्षा से जुड़े सवालों के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट का आने वाला फैसला इस चर्चित मामले की दिशा और दशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

Updated On 29 Dec 2025 1:14 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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