25 साल के युवक ने 3 साल की बच्ची के साथ किया दुष्कर्म ; फिर साक्ष्य मिटाने के लिए रची ये साजिश, जानें पूरा मामला
गुरुग्राम के सेक्टर 37 में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना: 25 वर्षीय पड़ोसी शिवनाथ ने 3 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ यौन शोषण किया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर शव बरामद कर लिया है।

सांकेतिक तस्वीर
साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर 37 इलाके से एक ऐसी रूहकंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम बच्ची, जो अभी ठीक से बोलना भी नहीं सीखी थी, अपने ही पड़ोस में रहने वाले एक दरिंदे की हैवानियत का शिकार हो गई। गुरुवार की शाम जब पूरा इलाका अपनी दैनिक गतिविधियों में व्यस्त था, तब एक 25 वर्षीय युवक ने भरोसे का कत्ल करते हुए तीन साल की मासूम बच्ची के साथ न केवल दुष्कर्म किया, बल्कि अपनी पहचान छिपाने के लिए उसकी गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी।
घटनाक्रम के अनुसार, मूल रूप से बिहार का रहने वाला आरोपी शिवनाथ (25), जो एक स्थानीय कबाड़ फैक्ट्री में काम करता था, उसी इमारत में रहता था जहाँ पीड़ित परिवार निवास करता है। गुरुवार शाम करीब 7:00 से 7:15 बजे के बीच, जब बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। वह मासूम को करीब चार किलोमीटर दूर एक सुनसान इलाके में स्थित खाली प्लॉट पर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ जघन्य यौन अपराध को अंजाम दिया और बाद में पकड़े जाने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्यों को मिटाने के इरादे से आरोपी ने मासूम के शव को एक उथले गड्ढे में दबा दिया और वापस लौट आया।
देर रात तक जब बच्ची का कहीं पता नहीं चला, तो परिजनों ने बदहवास होकर पुलिस से संपर्क किया। आधी रात के करीब मामला दर्ज होते ही गुरुग्राम पुलिस की कई टीमें सक्रिय हुईं। तफ्तीश के दौरान जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो पुलिस को एक संदिग्ध साया बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी शिवनाथ को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर शुक्रवार तड़के करीब 2:00 बजे पुलिस ने खाली प्लॉट से बच्ची का शव बरामद किया।
कानूनी कार्यवाही और पुलिस की कार्रवाई:
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कठोरतम धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS): आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- पोक्सो एक्ट (POCSO): मासूम के साथ हुई दरिंदगी को देखते हुए पोक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर मर्मभेदी यौन हमला) लगाई गई है।
- फोरेंसिक साक्ष्य: फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
- पोस्टमार्टम: मौत के सटीक कारणों और चोटों की प्रकृति की पुष्टि के लिए शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है।
इस जघन्य अपराध ने न केवल पीड़ित परिवार को जीवन भर का जख्म दिया है, बल्कि स्थानीय समुदाय के बीच भी गहरा रोष और असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और पड़ोसियों के रूप में रह रहे अनजान चेहरों के सत्यापन की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में फास्ट ट्रैक ट्रायल सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी ताकि दोषी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
