36 घंटे तक फ्लैट में कैद रही 16 साल की मासूम ; जानिए कैसे सलाखों के पीछे पहुंचा चेन्गीचेरला का इमरान
हैदराबाद के चेन्गीचेरला में 16 वर्षीय किशोरी के साथ 36 घंटे तक हुई सामूहिक दरिंदगी की सनसनीखेज वारदात। सीसीटीवी और मोबाइल डेटा की मदद से पुलिस ने किया रेस्क्यू। आदतन अपराधी इमरान गिरफ्तार, एक नाबालिग सुधार गृह भेजा गया।

सांकेतिक तस्वीर
हैदराबाद में एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ घिनौने अपराध का खुलासा हुआ, जिसे 36 घंटे तक एक फ्लैट में बंधक बनाकर गैंग रेप का शिकार बनाया गया। घटना ने शहर में आक्रोश फैला दिया और किशोर न्याय कानूनों व ऑनलाइन अजनबियों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर नया सवाल खड़ा कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपनी दादी के साथ रहती थी और 16 फरवरी को लापता हो गई। उसकी लापता होने से पहले वह उसी महीने मुलाकात किए गए 16 वर्षीय फुटवियर दुकान कर्मचारी के संपर्क में थी। यह युवक अपने दो साथियों 24 वर्षीय इमरान, जो पहले से ही अपराध प्रवृत्ति का है, और एक अन्य नाबालिग के साथ उसे हैदराबाद के चेंगीचेरला क्षेत्र के फ्लैट में ले गया।
घटनाक्रम की शुरुआत फरवरी माह के प्रारंभ में हुई, जब पीड़िता की मुलाकात एक फुटवियर दुकान पर काम करने वाले 16 वर्षीय किशोर से हुई। 16 फरवरी को वह किशोर किशोरी को फुसलाकर अपने साथ ले गया। जाँच में सामने आया कि मुख्य आरोपी इमरान (24 वर्ष), जो कि एक आदतन अपराधी है, और एक अन्य नाबालिग सहयोगी के साथ मिलकर उसे चेन्गीचेरला स्थित एक सुनसान फ्लैट में ले जाया गया। वहां 16 फरवरी की शाम से लेकर 18 फरवरी की सुबह तक, यानी लगभग 36 घंटों तक, आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे बाहर निकलने से रोके रखा।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में हैदराबाद पुलिस की सतर्कता और तकनीक की बड़ी भूमिका रही। किशोरी के लापता होने के बाद, पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया। इसी बीच, पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए एक दुकानदार के फोन से कॉल किया, जो उसकी लोकेशन ट्रेस करने में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। स्थानीय सूचनाओं और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारा और गंभीर हालत में किशोरी को वहां से मुक्त कराया।
कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की स्थिति:
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन में से दो आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है:
- इमरान (24 वर्ष): मुख्य आरोपी और आदतन अपराधी, जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
- प्रथम किशोर (16 वर्ष): फुटवियर शॉप कर्मी, जिसे किशोर सुधार गृह (Observation Home) भेजा गया है।
- तृतीय संदिग्ध: अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।
यह मामला केवल एक अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने समाज में 'ऑनलाइन स्ट्रेंजर डेंजर' और किशोरों द्वारा किए जा रहे जघन्य अपराधों पर एक राष्ट्रव्यापी बहस छेड़ दी है। जिस तरह से एक नाबालिग ने इस साजिश की नींव रखी, उसने किशोर न्याय कानून (Juvenile Justice Act) की समीक्षा की मांग को फिर से तेज कर दिया है। यह घटना हमें आगाह करती है कि डिजिटल युग में अपरिचितों पर भरोसा कितना आत्मघाती हो सकता है और समाज को अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति कितना सजग रहने की आवश्यकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
