राजसमंद के पडासली में स्थित नाकोडा पारसनाथ तीर्थ की आगामी अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में 4 जनवरी को मुंबई के गोरेगांव स्थित मेवाड़ भवन में 'जाजम मुहूर्त' का भव्य आयोजन होगा। आचार्य पद्मभूषण सूरिश्वर म. सा. के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व की सबसे बड़ी 36 फीट ऊंची भैरव प्रतिमा वाले तीर्थ के चढ़ावों की बोलियां लगाई जाएंगी। जानिए इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन की पूरी जानकारी।

मुंबई। राजसमंद के पडासली स्थित श्री नाकोडा पारसनाथ तीर्थ, जहाँ विश्व की सबसे विशाल 36 फीट ऊंची श्री नाकोडा भैरव देव की प्रतिमा स्थापित होने जा रही है, वहां के आगामी अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव की गूंज अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सुनाई देगी। आगामी 29 अप्रैल 2026 को होने वाले इस ऐतिहासिक प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में, पूज्य आचार्य पद्मभूषण सूरिश्वर महाराज साहेब एवं आचार्य निपुण रत्न सूरिश्वर महाराज साहेब की पावन आज्ञा से 4 जनवरी को मुंबई के गोरेगांव स्थित मेवाड़ भवन में 'जाजम मुहूर्त' का भव्य आयोजन सुनिश्चित किया गया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि मेवाड़ और मुंबई के श्रद्धालुओं के बीच अटूट जुड़ाव का प्रतीक भी बनकर उभरेगा।

श्री नाकोडा धाम सेवा संस्थान के महामंत्री मनोज जैन ने आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान के अध्यक्ष निरंजन जैन के कुशल नेतृत्व में इस गरिमामयी समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। नाकोडा पारसनाथ प्रभु के अनन्य भक्तों को इस मांगलिक अवसर के लिए विशेष निमंत्रण प्रेषित किए जा चुके हैं। इस जाजम मुहूर्त के दौरान, पडासली तीर्थ स्थल पर स्थापित होने वाली श्री नाकोडा पारसनाथ प्रभु, श्री नाकोडा भैरव देव, श्री मणिभद्र वीर, श्री पद्मावती देवी तथा श्री जीतेन्द्र सूरीश्वरजी महाराज साहेब की प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा के निमित्त विभिन्न चढ़ावों की बोलियां भी लगाई जाएंगी। यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए पुण्य अर्जन और इस विश्वस्तरीय तीर्थ के निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज कराने का एक स्वर्णिम क्षण होगा।

इस वृहद आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतिष्ठा महोत्सव की मुख्य समिति के सदस्य सोहन कोठारी, रोशनलाल जैन, श्रेणिक भाई, केतन मादरेचा, योगेन्द्रजी पुनमिया, अनीश कोठारी और लाल बहादुर जैन जैसे समर्पित कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं। पडासली का यह तीर्थ क्षेत्र अपनी अद्वितीय विशालता और आध्यात्मिक ऊर्जा के कारण वैश्विक स्तर पर जैन समाज के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। मुंबई में आयोजित हो रहा यह जाजम मुहूर्त, अप्रैल 2026 में होने वाले मुख्य उत्सव की भव्यता की पहली औपचारिक झलक पेश करेगा, जो राजस्थान के राजसमंद जिले के धार्मिक गौरव को एक नई ऊंचाई प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Updated On 1 Jan 2026 3:55 PM IST
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