राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव में संतान संबंधी बाध्यता खत्म, सचिव ने जताया हर्ष
कैबिनेट के फैसले के बाद राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सचिव गणेश लाल जाटोलिया ने इसे लोकतंत्र की जीत और जमीनी कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम बताया।

कांकरवा, 25 फरवरी। राजस्थान सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए "दो से अधिक संतान" की अयोग्यता को समाप्त करने के ऐतिहासिक फैसले का राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सचिव गणेश लाल जाटोलिया ने स्वागत किया है। जाटोलिया ने इसे लोकतंत्र की जीत और जमीनी कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली और भेदभाव का अंत
प्रेस को जारी बयान में प्रदेश सचिव गणेश लाल जाटोलिया ने कहा कि राजीव गांधी पंचायती राज संगठन लंबे समय से इस भेदभावपूर्ण नियम को हटाने की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा, "यह नियम ग्रामीण परिवेश के प्रतिभावान नेतृत्व के मार्ग में एक बड़ी दीवार था। जब विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है, तो स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों पर इसे थोपना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन था।"
समान अधिकार और समावेशी राजनीति
समान अधिकार के विषय पर जाटोलिया ने कहा कि इस संशोधन से अब समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिलेंगे और वे बिना किसी डर या कानूनी अड़चन के चुनाव लड़ सकेंगे। उन्होंने राजस्थान सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण और शहरी निकायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय करार दिया।

Pratahkal Bureau
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