निंबाहेड़ा पंचायत समिति के वार्ड पुनर्गठन पर कांग्रेस का तीखा विरोध, नियमों की अनदेखी और राजनीतिक दबाव के आरोप
निंबाहेड़ा पंचायत समिति के वार्ड पुनर्गठन पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। नियमों की अनदेखी, जनसंख्या असमानता और राजनीतिक दबाव के आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और संशोधित परिसीमन की मांग की।

निंबाहेड़ा पंचायत समिति के वार्ड पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नवसर्जन 2025-26 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। निंबाहेड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने इस प्रक्रिया को नियमों के विपरीत, विसंगतिपूर्ण और राजनीतिक दबाव में किया गया बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन निंबाहेड़ा उपखंड अधिकारी को सौंपते हुए प्रशासनिक निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पंचायत समिति निंबाहेड़ा में पहले कुल 17 वार्ड थे, जिन्हें पुनर्गठन के बाद बढ़ाकर 23 कर दिया गया है। यह वृद्धि पंचायतीराज विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। ज्ञापन में अधिसूचना क्रमांक एफ.15(36) पुनर्गठन/विधि/2024/198 का हवाला देते हुए बताया गया कि एक लाख तक की जनसंख्या पर अधिकतम 15 वार्ड तथा एक लाख से अधिक जनसंख्या होने पर प्रत्येक 15 हजार की वृद्धि पर अधिकतम दो अतिरिक्त वार्ड बनाए जा सकते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार निंबाहेड़ा पंचायत समिति की जनसंख्या 1,46,755 है, जिसके आधार पर अधिकतम 6 नए वार्ड ही बनाए जा सकते थे। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा 8 नए वार्ड जोड़कर कुल संख्या 23 कर दी गई, जबकि नियमानुसार यह संख्या 21 से अधिक नहीं हो सकती थी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वार्डों के गठन में जनसंख्या समानुपात के नियमों की भी अनदेखी की गई है। नव प्रस्तावित वार्ड क्रमांक 03 की जनसंख्या 8,463 रखी गई है, जो संभावित औसत जनसंख्या 6,380 से कहीं अधिक है। इसी वार्ड में राजस्व ग्राम रसूलपुर को ऐसे गांवों के साथ जोड़ दिया गया है, जिनसे उसका कोई भौगोलिक संपर्क नहीं है। दोनों के बीच वंडर सीमेंट फैक्ट्री का निजी परिसर स्थित है, जिसे आम नागरिक पार नहीं कर सकते और न ही कोई सरकारी मार्ग उपलब्ध है। कांग्रेस ने मांग की कि भौगोलिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए रसूलपुर को नव प्रस्तावित वार्ड क्रमांक 02 में ग्राम पंचायत फाचर अहिरान के साथ जोड़ा जाए।
इसके अलावा वार्ड क्रमांक 013, 014, 015, 017, 020 और 021 में भी जनसंख्या अनुपात में 10 प्रतिशत से अधिक विचलन होने का आरोप लगाया गया है, जिसे पंचायतीराज नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया गया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नव प्रस्तावित वार्ड 02 और वार्ड 022—दोनों में ही संपूर्ण ग्राम पंचायत मांगरोल को शामिल किया गया है, जो प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर त्रुटि है। कांग्रेस का कहना है कि इस प्रकार की गलतियां भविष्य में मतदाता सूची निर्माण के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। इसलिए ग्राम पंचायत मांगरोल को केवल एक ही वार्ड में सम्मिलित किए जाने की मांग की गई है।
कांग्रेस ने परिसीमन प्रक्रिया में ग्राम पंचायत फलवा को पूरी तरह नजरअंदाज किए जाने पर भी कड़ा ऐतराज जताया। नव प्रस्तावित 23 वार्डों की सूची में फलवा पंचायत के अंतर्गत आने वाले पांच गांवों का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे साधारण प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया और आशंका जताई कि इससे भविष्य में गांवों को मनमाने ढंग से वार्डों में जोड़ने की गुंजाइश बनेगी। उन्होंने मांग की कि ग्राम पंचायत फलवा के सभी गांवों को नियमानुसार वार्डों में शामिल कर संशोधित परिसीमन जारी किया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि राजनीतिक दबाव में किए गए इस परिसीमन पर प्राप्त आपत्तियों का विधिवत और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए, संशोधित परिसीमन पुनः जारी किया जाए तथा आपत्तियों की सुनवाई के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया जाए, ताकि जनता का पक्ष प्रभावी ढंग से प्रशासन के समक्ष रखा जा सके।
इस दौरान निंबाहेड़ा क्रय-विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष गोपाल आंजना, चित्तौड़गढ़ जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल, निंबाहेड़ा विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जसवंत सिंह आंजना, जिला कांग्रेस महासचिव भोप राज टांक, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष पिंकेश जैन, विक्रम अहीर, सरपंच गजेंद्र पालीवाल, टाई सरपंच प्रतिनिधि प्रहलाद गुर्जर, पूर्व सरपंच वेणीराम जाट, निंबाहेड़ा विधानसभा एनएसयूआई अध्यक्ष दीपक धाकड़, एनएसयूआई के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष संजय उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह मामला अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर जिले की सियासी नजरें टिकी हुई हैं।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
