इंग्लैंड, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के पर्यटकों ने राजस्थान के आकोला में ब्लॉक प्रिंटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया और पारंपरिक वस्त्रों की खरीदारी की।

कांकरवा, 13 फरवरी: जैसा कि हम जानते हैं आकोला में रंगाई-छपाई की कला का कितना महत्व है। इस आकोला की पहचान भी इसी से उभर कर सामने आती है। हस्तशिल्प की उम्दा कलाकारी को देखते हुए समय दर समय कई विदेशी पर्यटक इससे मोहित हुए चले आते हैं और अपनी प्रसन्नता की छाप छोड़ जाते हैं। इससे साफ जाहिर हो जाता है की यह कला आधुनिक काल में भी कितनी प्रचलन में है।


पर्यटकों का आगमन और मार्गदर्शन

  • हाल ही में, द पिगमेंट ट्रायल कम्पनी के द्वारा पुष्पेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में कई विदेशी पर्यटक आये।
  • इनमें एक पर्यटक डेबरा लुकेर भी थी जो बीते वर्ष भी यहां का निरीक्षण कर चुकी है।
  • वह इस वर्ष भी अपने 15-20 साथियों के साथ यहां की प्रचलिता को देखने पहुंची।
  • ये पर्यटक इंग्लैंड, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से आए थे।

व्यावहारिक अनुभव और कला का प्रशिक्षण

हस्ताछाप आकोला दीपक छीपा के संचालन में विदेशी पर्यटकों ने ब्लॉक प्रिंट को बड़े उत्साहित मनोभाव से प्रिंटिंग की हर प्रक्रिया के व्यावहारिक रूप को उपयोग में लिया, जाना और समझा। वे इससे इतने प्रभावित थे उनकी प्रसन्नता उनके मुख से स्पष्ट झलक रही थी।

"उन्होंने इस कला की बहुत सराहना की।"

खरीददारी और विदाई

  • दीपक छीपा के निर्देशन में ब्लॉक प्रिंट की जानकारी लेते हुए उन्होंने दुप्पटा, स्टॉल, साड़ी आदि प्रकार के वस्त्रों की बहुत खरीददारी भी की।
  • साथ ही अपनी तस्वीरें खिंचवाकर उनमें अपनी आनंदित भाव की छवि छोड़ दी।
  • अंत में, सभी पर्यटकों ने बहुत ही प्रफुल्लित मन से विदा ली।
Pratahkal Newsroom

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