न्यूजीलैंड में थमी सांसें, दलाल स्ट्रीट पर छाया मातम: कौन थे 7,700 करोड़ का साम्राज्य संभालने वाले सिद्धार्थ भैया?
प्रसिद्ध फंड मैनेजर और एक़्विटस के एमडी सिद्धार्थ भैया का 31 दिसंबर 2025 को न्यूजीलैंड में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। 7,700 करोड़ रुपये का फंड संभालने वाले सिद्धार्थ को स्मॉलकैप मल्टीबैगर स्टॉक्स की पहचान और उनकी दूरदर्शी निवेश शैली के लिए जाना जाता था। एक़्विटस ने उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके विजन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। यह खबर भारतीय शेयर बाजार के लिए एक गहरा झटका है।

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने अपने सबसे बेहतरीन और दूरदर्शी निवेशकों में से एक को खो दिया है। एक़्विटस इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी (Aequitas Investment Consultancy) के प्रबंध निदेशक और प्रसिद्ध फंड मैनेजर सिद्धार्थ भैया का 31 दिसंबर 2025 को न्यूजीलैंड में निधन हो गया। 47 वर्षीय सिद्धार्थ अपने परिवार के साथ छुट्टियों पर थे, जब उन्हें अचानक दिल का दौरा (cardiac arrest) पड़ा, जो जानलेवा साबित हुआ। स्मॉलकैप शेयरों में छिपे हुए 'हीरे' तलाशने और निवेशकों की संपत्ति को कई गुना बढ़ाने के लिए मशहूर सिद्धार्थ का इस तरह अचानक चले जाना वित्तीय जगत के लिए एक गहरा आघात है।
एक विजनरी निवेशक का जाना
सिद्धार्थ भैया का नाम दलाल स्ट्रीट पर उन गिने-चुने फंड मैनेजर्स में शुमार था, जो भीड़ से अलग चलने का साहस रखते थे। उनकी फर्म, एक़्विटस, वर्तमान में 7,700 करोड़ रुपये से अधिक की निवेशित राशि (AUM) का प्रबंधन करती है। सिद्धार्थ को शुरुआती दौर में ही मल्टीबैगर स्टॉक्स की पहचान करने की उनकी अद्भुत क्षमता के लिए जाना जाता था। उनकी निवेश शैली में बौद्धिक ईमानदारी और लंबी अवधि की सोच का अनूठा संगम था, जिसने एक़्विटस को एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में स्थापित किया।
एक़्विटस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "अत्यंत दुख के साथ हम यह साझा कर रहे हैं कि हमारे प्रबंध निदेशक, श्री सिद्धार्थ भैया का 31 दिसंबर 2025 को न्यूजीलैंड में एक पारिवारिक अवकाश के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया।"
संस्थान के निर्माता और मार्गदर्शक
सिद्धार्थ केवल एक निवेशक नहीं थे, बल्कि मूल्यों पर आधारित एक संस्थान के निर्माता भी थे। फर्म ने अपनी श्रद्धांजलि में उनके योगदान को याद करते हुए कहा, "सिद्धार्थ एक़्विटस के पीछे की असली ताकत थे। वे न केवल एक विजनरी निवेशक थे, बल्कि एक ऐसे लीडर थे जो अनुशासित निर्णय लेने और कठोर विश्लेषण में विश्वास करते थे। उनका उद्देश्य स्पष्ट था और इसी स्पष्टता ने एक़्विटस को मजबूत मूल्यों और जवाबदेही की संस्कृति पर खड़ा किया।"
उनके सहयोगियों और शिष्यों के लिए, सिद्धार्थ एक मेंटर थे। बयान में आगे कहा गया, "हममें से कई लोगों को सीधे उनसे सीखने का सौभाग्य मिला, और उनका प्रभाव हमारे सोचने, कार्य करने और निवेश करने के तरीके में हमेशा जीवित रहेगा।"
विरासत और भविष्य की राह
बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच भी संयम बनाए रखने वाले सिद्धार्थ ने एक़्विटस को एक विशिष्ट पहचान दिलाई थी। उनके आकस्मिक निधन के बाद, फर्म ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि वह सिद्धार्थ भैया द्वारा निर्धारित दर्शन और दीर्घकालिक उद्देश्यों के साथ पूरी तरह से जुड़ी रहेगी। एक़्विटस का नेतृत्व अब उसी विजन को आगे बढ़ाएगा जिसे सिद्धार्थ ने देखा था, ताकि निवेशकों को उनके मानकों के अनुरूप परिणाम दिए जा सकें।
यह घटना न केवल एक़्विटस परिवार के लिए बल्कि पूरे भारतीय निवेश समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है। सिद्धार्थ भैया का जाना एक ऐसे दौर का अंत है जहाँ गहन शोध और धैर्य को बाजार के शोर से ऊपर रखा जाता था।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
