नए साल की शुरुआत में मुंबई के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोना ₹13,740 प्रति ग्राम और चांदी ₹247 प्रति ग्राम पर पहुंची। जानिए बाजार पर नए साल का असर और निवेशकों के लिए अहम संकेत।

नए साल की पहली कारोबारी हलचलों के बीच मुंबई के सर्राफा बाजार से ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान खींच लिया है। वर्ष के शुरुआती दिनों में ही सोना और चांदी की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि 2026 की शुरुआत कीमती धातुओं के लिए अहम रहने वाली है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी केवल स्थानीय मांग का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेश प्रवृत्तियों की गहरी भूमिका है।

आज मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹13,740 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹12,595 प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत ₹10,305 प्रति ग्राम दर्ज की गई है। बीते दिन की तुलना में सोने की कीमतों में ₹158 प्रति ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। यह उछाल नए साल के पहले सप्ताह में निवेशकों की बढ़ी हुई दिलचस्पी को दर्शाता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।

चांदी की बात करें तो इसमें भी मजबूती देखने को मिली है। मुंबई बाजार में आज चांदी ₹247 प्रति ग्राम और ₹2,47,000 प्रति किलोग्राम के भाव पर उपलब्ध है। चांदी की कीमत में ₹6 प्रति ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो औद्योगिक मांग और निवेशकों की सुरक्षित विकल्प की तलाश को दर्शाती है। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की चाल सोने के साथ-साथ वैश्विक औद्योगिक संकेतकों पर भी निर्भर करेगी।

नए साल के बाद बाजार में यह तेजी कई कारकों से प्रभावित मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की मौद्रिक नीतियां और डॉलर की चाल जैसे तत्व सोने-चांदी की कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, साल की शुरुआत में निवेश पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन भी कीमती धातुओं की मांग को बढ़ाता है। भारत जैसे देशों में शादी-विवाह और त्योहारों की आगामी तैयारी भी सर्राफा बाजार को सहारा देती है।

निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और समझदारी से निर्णय लेने का है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी लंबे समय में मूल्य संरक्षण के मजबूत साधन माने जाते हैं, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से इंकार नहीं किया जा सकता। निवेश से पहले वैश्विक आर्थिक संकेतों, महंगाई दर और ब्याज दरों की दिशा पर नजर रखना आवश्यक है। इसके साथ ही, एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाने से जोखिम को संतुलित किया जा सकता है।

नए साल की इस शुरुआती तेजी ने यह संकेत दे दिया है कि 2026 में सर्राफा बाजार निवेशकों के लिए खासा महत्वपूर्ण रहने वाला है। सोना और चांदी न केवल पारंपरिक सुरक्षित निवेश विकल्प बने हुए हैं, बल्कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक स्थिरता का संकेतक भी साबित हो रहे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में इन धातुओं की चाल पर पूरे बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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