साल 2026 की शुरुआत में ITC के शेयरों में नई सिगरेट एक्साइज ड्यूटी के ऐलान के बाद करीब 10% की तेज गिरावट दर्ज की गई। म्यूचुअल फंड्स, LIC और विदेशी निवेशकों पर इसका असर पड़ा। शेयर पिछले छह महीनों में 12% तक गिर चुका है और बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है।

ITC stock crash 2026 : साल 2026 की शुरुआत में ही भारतीय शेयर बाजार में बड़ा झटका देखने को मिला। 1 जनवरी को ITC के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जब सरकार ने सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने की घोषणा की। इस खबर के बाद निवेशकों में भारी बेचैनी रही और ITC का शेयर ₹402.70 के उच्च स्तर से फिसलकर ₹362.70 तक आ गया, यानी करीब 10 प्रतिशत की गिरावट हुई। इस अचानक आई गिरावट का असर न केवल म्यूचुअल फंड हाउस बल्कि LIC और अन्य संस्थागत निवेशकों पर भी पड़ा, जिनकी कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है।

कारोबार के दौरान ITC के शेयर में भारी वॉल्यूम देखा गया, जो बाजार में बिकवाली के दबाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। जुलाई–सितंबर 2025 तिमाही के अंत तक ITC की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास थी, और कंपनी में कोई प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप मौजूद नहीं है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स में म्यूचुअल फंड्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिनमें कुल 46 फंड्स की हिस्सेदारी करीब 14.30 प्रतिशत रही। SBI Mutual Fund सबसे बड़ा निवेशक रहा, जिसकी हिस्सेदारी 3.26 प्रतिशत थी, इसके बाद ICICI Prudential Mutual Fund की हिस्सेदारी 2.28 प्रतिशत रही। Nippon Life India, UTI, Parag Parikh Flexi Cap और Mirae Asset जैसी फंड्स की हिस्सेदारी 1.06 से 1.36 प्रतिशत के बीच रही।

इंश्योरेंस क्षेत्र से Life Insurance Corporation of India ITC की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक रही, जिसके पास 15.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसके अतिरिक्त General Insurance Corporation of India और New India Assurance Company के पास क्रमशः 1.73 और 1.4 प्रतिशत स्टेक था। विदेशी निवेशकों में Tobacco Manufacturers (India) Limited की हिस्सेदारी 17.79 प्रतिशत रही, जबकि GQG Partners के Emerging Markets Equity Fund के पास 2 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी थी।

GQG Partners के CIO राजीव जैन ने पहले ही कहा था कि ITC एक मजबूत ग्रोथ स्टोरी है और मौजूदा वैल्यूएशन पर यह स्टॉक आकर्षक दिखता है। जनवरी 2024 में हिस्सेदारी बढ़ाने के बाद उन्होंने बताया था कि करीब 23 गुना अर्निंग पर ITC का वैल्यूएशन काफी बेहतर है और कंपनी आगे भी लो-डबल डिजिट अर्निंग ग्रोथ दे सकती है।

मार्केट एक्सपर्ट सिद्धार्थ मौर्य का मानना है कि एक्साइज ड्यूटी में यह बढ़ोतरी सिगरेट बिजनेस के लिए शॉर्ट टर्म में बड़ा झटका है। टैक्स बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ेगा और चूंकि ITC की कमाई का बड़ा हिस्सा तंबाकू कारोबार से आता है, इसलिए भविष्य में स्टॉक में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

1 जनवरी 2026 को ITC का शेयर 9.71 प्रतिशत टूटकर ₹363.85 पर बंद हुआ। साल 2025 में शेयर लगभग 12 प्रतिशत गिरा, जिससे यह 2020 के बाद पहला ऐसा वर्ष बन गया जब स्टॉक ने नेगेटिव रिटर्न दिया। पिछले पांच दिनों में शेयर लगभग 10 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में करीब 12 प्रतिशत टूट चुका है। वर्तमान में स्टॉक का P/E रेशियो लगभग 25 के आसपास है और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4.59 लाख करोड़ है। गुरुवार की गिरावट के बाद शेयर मार्च 2024 के स्तर पर लौट आया, और यह आठ महीने में एक ही दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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