क्या युद्ध की आहट से सहम गया क्रिप्टो बाजार? बिटकॉइन $65,000 के नीचे
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद क्रिप्टो बाजार में बड़ी हलचल देखी गई। बिटकॉइन $65,000 के स्तर से नीचे गिर गया है। जानिए इस गिरावट के पीछे के कारण और निवेशकों के बदलते रुख का विश्लेषण।

Bitcoin falls below $65,000
कल 28 फरवरी, 2026 की तारीख न केवल दुनिया के लिए, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए भी एक बड़ा झटका लेकर आई । जैसे ही अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) और 'लायंस रोर' (Lion's Roar) जैसे सैन्य अभियानों की खबर फैली, उसका सीधा असर दुनिया के सबसे लोकप्रिय क्रिप्टो एसेट, बिटकॉइन पर दिखा।
शनिवार को बिटकॉइन की कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और यह $65,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार में घबराहट क्यों है?
वित्तीय बाजारों में एक पुराना नियम है: 'अनिश्चितता का मतलब है जोखिम'। जब दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो निवेशक उन संपत्तियों (assets) को बेचना शुरू कर देते हैं जिन्हें वे 'जोखिम भरा' (high-risk) मानते हैं। क्रिप्टो बाजार को पारंपरिक रूप से जोखिम भरी श्रेणी में रखा जाता है।
निवेशकों की एक बड़ी जमात अब क्रिप्टो जैसे अस्थिर एसेट्स से पैसा निकालकर 'सुरक्षित ठिकानों' (Safe Havens) की ओर भाग रही है। सोना (Gold) हमेशा से ही युद्ध और अनिश्चितता के दौर में निवेशकों की पहली पसंद रहा है। यही कारण है कि जैसे ही मध्य पूर्व में धमाकों की खबरें आईं, क्रिप्टो बाजार से पूंजी का पलायन शुरू हो गया।
बिटकॉइन का असर और अन्य क्रिप्टो की स्थिति
बिटकॉइन की गिरावट अकेली नहीं है। जब बाजार का लीडर गिरता है, तो बाकी पूरा बाजार अक्सर उसके पीछे-पीछे चलता है।
- बिटकॉइन: आज बिटकॉइन करीब 3% तक की गिरावट के साथ $64,000 के निचले स्तर की ओर बढ़ता दिखा।
- इथेरियम (ETH): दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम में और भी बड़ी हलचल रही। यह लगभग 3.14% की गिरावट के साथ $1,869 के आसपास ट्रेड करता दिखा।
- सोलाना (Solana): सोलाना में भी पिछले 24 घंटों में 4% के करीब गिरावट दर्ज की गई।
क्या यह गिरावट सिर्फ एक दिन की है?
यह समझना महत्वपूर्ण है कि क्रिप्टो बाजार पहले से ही एक नाजुक दौर से गुजर रहा था। अक्टूबर 2024 में जब बिटकॉइन $126,000 के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) पर था, उसके बाद से ही यह एक लंबे 'डाउनट्रेंड' (लगातार गिरावट) में रहा है। आज की इस सैन्य कार्रवाई ने उस गिरावट को रोकने के बजाय और तेज कर दिया है।
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक सुधार (correction) नहीं है, बल्कि बाजार की घबराहट का प्रतिबिंब है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की स्थिति साफ नहीं होती, निवेशकों का मनोबल कमजोर ही रहने की आशंका है।
निवेशक क्या करें?
ऐसी स्थिति में किसी भी निवेशक के लिए घबराहट में कोई फैसला लेना सबसे बड़ा जोखिम हो सकता है। भू-राजनीतिक तनाव रातों-रात बाजार को प्रभावित करते हैं, लेकिन बाजार का लंबा इतिहास यह भी बताता है कि वह अक्सर इन झटकों के बाद रिकवर भी करता है।
हालाँकि, अभी के हालात सामान्य नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और प्रमुख शक्तियाँ युद्ध को रोकने के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन जब तक जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी, क्रिप्टो बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
डिस्क्लेमर - यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है, इसे किसी भी तरह की वित्तीय या निवेश सलाह न समझें। क्रिप्टो बाजार अत्यधिक अस्थिर होता है और युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव के दौरान जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से चर्चा करें और बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखें।

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