कभी सोचा है सर्दियों में हर जगह क्यों बिकती है मूंगफली? जानिए कैसे होता है व्यापारियों को मुनाफा
सर्दियों में मूंगफली की मांग में अचानक उछाल, किसानों और व्यापारियों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। ठंड में स्वास्थ्य और स्वाद दोनों कारणों से बढ़ती बिक्री से बाजार में हलचल, कीमतों पर असर और उत्पादन पर प्रभाव।

मूंगफली बाजार (रचनात्मक तस्वीर)
सर्दिया आते ही बाजारों में एक खास किस्म का कारोबार अपने चरम पर पहुँच जाता है—मूंगफली। ठंड के मौसम में इसका उपभोग बढ़ जाना एक प्रचलित परंपरा बन चुकी है, लेकिन इसके पीछे सिर्फ स्वाद और गर्माहट नहीं, बल्कि आर्थिक और मौसम संबंधी कारण भी हैं। हर साल नवंबर से फरवरी तक मूंगफली की बिक्री में अचानक उछाल आ जाता है, जो न केवल उपभोक्ताओं बल्कि किसानों और व्यापारियों के लिए भी लाभकारी साबित होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में मूंगफली का सेवन स्वास्थ्य के लिहाज से भी बढ़ जाता है। इसका उच्च कैलोरी और प्रोटीन युक्त गुण शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और सर्दी से होने वाली बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। यही कारण है कि सर्दियों में मूंगफली की मांग औसतन 40–50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। बाजार में इसकी इस अचानक बढ़ी मांग के चलते कीमतों में भी हल्का बढ़ाव देखने को मिलता है।
किसानों के लिए यह समय फसल बिक्री का सुनहरा अवसर बन जाता है। देश के प्रमुख मूंगफली उत्पादक राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से सर्दियों में हर साल लाखों टन मूंगफली बाजार में आती है। स्थानीय मंडियों में इसके थोक भाव में वृद्धि होने लगती है, जिससे किसानों की आमदनी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। व्यापारियों और होलसेलर्स के लिए भी यह समय लाभकारी होता है, क्योंकि कम मात्रा में स्टॉक रखने पर भी अधिक बिक्री की संभावना रहती है।
सर्दियों में मूंगफली की बढ़ी बिक्री से जुड़े एक और पहलू का अध्ययन भी किया गया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड में लोग हल्की और तली हुई चीज़ों की ओर आकर्षित होते हैं, और मूंगफली इस जरूरत को पूरी तरह से पूरा करती है। वहीं, इसे भुना कर या नमक-मीठा स्वाद देकर अलग-अलग पैकेजिंग में बेचना व्यवसायियों के लिए नया मुनाफा उत्पन्न करता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में मूंगफली की कुल उत्पादन क्षमता सालाना लगभग 8–9 मिलियन टन है, जिसमें सर्दियों का हिस्सा लगभग 30–35 प्रतिशत होता है। इस बढ़ी हुई मांग और उत्पादन के संतुलन के चलते सरकार और कृषि मंडियां निरंतर मूल्य निगरानी करती रहती हैं, ताकि बाजार में अनियंत्रित वृद्धि से कीमतों में अस्थिरता न आए।
इस प्रकार, सर्दियों में मूंगफली का व्यापार केवल मौसम आधारित आदत नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण घटना बन चुका है। किसानों के लिए आय का जरिया, व्यापारियों के लिए लाभ का अवसर और उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्प, मूंगफली का यह चक्र हर साल बाजारों में नई हलचल पैदा करता है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, वैसे-वैसे इस लाभकारी फसल की मांग और बाजार में उसका महत्व भी बढ़ता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
