मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी आई है। निवेशक घबराकर सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर भाग रहे हैं। जानिए आज का ताजा भाव और क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी।

युद्ध के साये में निवेश का सुरक्षित किला बना गोल्ड

आज सोमवार, 2 मार्च 2026 की सुबह भारतीय निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका लेकर आई है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े पूर्ण युद्ध के कारण पूरी दुनिया के वित्तीय बाजार हिल गए हैं। इस अनिश्चितता का सबसे बड़ा असर हमारी तिजोरियों और ज्वेलरी मार्केट पर पड़ा है—सोने और चांदी के दाम रॉकेट की तरह ऊपर भाग रहे हैं।

क्या हुआ है आज के बाजार में?

वैश्विक बाजार में जब भी अशांति फैलती है, तो सोने को 'सबसे सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) माना जाता है। आज सुबह जब भारतीय कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) खुले, तो सोने की कीमतों में एक बड़ी 'गैप-अप' ओपनिंग देखी गई।

  • सोना (Gold): MCX पर आज सोने का भाव ₹1,65,501 प्रति 10 ग्राम पर खुला और देखते ही देखते यह ₹1,67,915 के स्तर तक पहुंच गया। यानी, सुबह के कुछ ही घंटों में सोने की कीमतों में ₹5,500 प्रति 10 ग्राम से ज्यादा का उछाल देखा गया।
  • चांदी (Silver): चांदी भी पीछे नहीं रही। यह ₹2,78,644 प्रति किलो के स्तर पर खुली और दिन के कारोबार में लगभग 3% तक उछलकर ₹2,84,490 प्रति किलो तक पहुंच गई।

क्यों भाग रही हैं सोने की कीमतें?

सोना हमेशा से ही डर और अनिश्चितता का साथी रहा है। जब दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो शेयर बाजार में भारी गिरावट आती है, जैसा कि आज सेंसेक्स और निफ्टी में देखने को मिला। ऐसे में निवेशक अपनी पूंजी को शेयर बाजार से निकालकर सोने में डालना शुरू कर देते हैं।

ईरान के सर्वोच्च नेता की मृत्यु और उसके बाद मिडिल ईस्ट के कई देशों (कतर, सऊदी, UAE) में बढ़ते तनाव ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरे में डाल दिया है। जब तेल के दाम बढ़ते हैं और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं डगमगाती हैं, तो सोने की मांग बढ़ जाती है। इसे 'रिस्क-ऑफ' (Risk-off) माहौल कहते हैं, जहां पैसा जोखिम वाली जगहों से निकलकर सुरक्षित ठिकानों (Safe Haven) की तलाश करता है।

क्या यह तेजी अभी और बढ़ेगी?

बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की यह तेजी अभी कुछ समय तक जारी रह सकती है। इसका कारण यह है कि युद्ध का माहौल तुरंत शांत होता नहीं दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर COMEX गोल्ड रेट $5,400 प्रति औंस के करीब पहुंच गए हैं, जो सोने के लिए एक बहुत बड़ा स्तर है।

हालांकि, आम निवेशकों को यह समझना चाहिए कि यह उछाल 'भू-राजनीतिक जोखिम' (Geopolitical Risk) के कारण है। अगर आने वाले दिनों में बातचीत के जरिए समाधान निकलता है या तनाव में कमी आती है, तो सोने की कीमतों में मुनाफावसूली (Profit Booking) भी देखी जा सकती है। यानी बाजार थोड़ा ठंडा भी हो सकता है।

आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

शादी-ब्याह के सीजन में सोने के इतने ऊंचे दाम आम मध्यमवर्गीय परिवार के बजट को बिगाड़ सकते हैं। यदि आपको बहुत जरूरी न हो, तो अभी सोने की बड़ी खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बाजार में अभी बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव (Volatility) है।

वहीं, निवेश के नजरिए से देखें तो पोर्टफोलियो में सोने का होना हमेशा अच्छा माना जाता है, लेकिन 'पैनिक' (घबराहट) में आकर खरीदारी करना खतरनाक हो सकता है। बाजार के जानकार सलाह देते हैं कि ऐसे समय में लंबी अवधि के लिए ही निवेश करें।

फिलहाल दुनिया एक कठिन दौर से गुजर रही है। मिडिल ईस्ट का तनाव सिर्फ तेल और गैस की कीमतों को ही नहीं, बल्कि हमारे सोने के भाव को भी प्रभावित कर रहा है। सोने और चांदी का यह रिकॉर्ड स्तर वैश्विक अनिश्चितता का आईना है। अगले कुछ दिनों तक वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा, क्योंकि बाजार का रुख उसी पर निर्भर करेगा।

डिस्क्लेमर - यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है। बाजार के वर्तमान उतार-चढ़ाव और युद्ध जैसी स्थितियों में सोने-चांदी के दाम बहुत तेजी से बदलते हैं। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले कृपया अपने सर्टिफाइड वित्तीय एक्सपर्ट या निवेश सलाहकार की सलाह अवश्य लें।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story