बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को खाली करने को लेकर सियासी विवाद तेज, मंत्री अशोक चौधरी ने कहा- 'राजनीति का स्तर बचाना जरूरी', बंगला खाली करने का नोटिस जारी और नया आवास पहले ही आवंटित।

Bihar politics 2025 : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को खाली करने को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। इस विवाद पर जेडीयू कोटे से मंत्री अशोक चौधरी ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी और कहा कि राजनीति का स्तर बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई सरकारी संपत्ति ले जा रहा है तो पुलिस उसकी देखरेख कर सकती है, लेकिन विवाद को बढ़ाना उचित नहीं।

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि दिन या रात किसी समय भी राबड़ी देवी के आवास से सामान ले जाया जा रहा है, इसमें कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है, तो इसे मान लेना चाहिए, क्योंकि राबड़ी देवी के लिए दूसरा सरकारी आवास पहले ही आवंटित किया जा चुका है।

सच यह है कि बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर 2025 को राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस दिया था। इसके बाद उन्हें हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर का नया बंगला आवंटित किया गया, जो विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर दिया गया है। आरजेडी ने पहले दावा किया था कि लालू-राबड़ी परिवार यह बंगला खाली नहीं करेगा।

इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के तीन विधायकों की मुलाकात पर भी मंत्री अशोक चौधरी ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनता आरजेडी को रिजेक्ट कर चुकी है और पार्टी द्वारा की जा रही मनगढ़ंत बातें केवल सियासी बयानबाजी हैं। मुलाकात को औपचारिक और शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन सियासी गलियारों में आरएलएम के भीतर नाराजगी की चर्चा है।

इस बयान और बंगला विवाद ने बिहार की सियासी हलचलों को नई दिशा दे दी है, जबकि नेता प्रतिपक्ष के आवास को लेकर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी निगाह बनी हुई है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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