बिहार बजट 2026-27 पेश! ₹3.47 लाख करोड़ के इस बजट में 1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य, 5 नए एक्सप्रेस-वे और हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज का वादा। शिक्षा पर ₹60,954 करोड़ और स्वास्थ्य पर ₹20,335 करोड़ खर्च करेगी नीतीश सरकार। किसानों को मिलेगी ₹3000 की अतिरिक्त सम्मान निधि। जानिए विकसित बिहार के इस 'महा-बजट' की हर बड़ी घोषणा और आम जनता पर इसका असर।

Bihar Budget 2026-27 : मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को बिहार विधानसभा के पटल पर राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे विशाल और महत्वाकांक्षी बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव द्वारा पेश किया गया वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट ₹3,47,589 करोड़ का है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ₹30,000 करोड़ अधिक है। सरकार ने इस 'महा-बजट' को "ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान" के पंचसूत्र पर आधारित बताते हुए विकसित बिहार का रोडमैप करार दिया है।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर धनवर्षा :

नीतीश सरकार ने इस बार विकास कार्यों और सामाजिक सुरक्षा के बीच एक सूक्ष्म संतुलन बनाने का प्रयास किया है। बजट में सबसे बड़ा हिस्सा आधारभूत संरचना और शिक्षा के क्षेत्र को आवंटित किया गया है:

  • बुनियादी ढांचा (Infrastructure): सड़क, पुल, बिजली और जल आपूर्ति जैसे कार्यों के लिए ₹63,455 करोड़ का भारी निवेश प्रस्तावित है। इसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाले 5 नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण है।
  • शिक्षा का कायाकल्प: शिक्षा विभाग के लिए ₹60,954 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना, मॉडल स्कूलों का निर्माण और शिक्षकों की बंपर नियुक्ति के जरिए शैक्षणिक स्तर में सुधार करना है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु ₹20,335 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

कृषि रोडमैप और किसान सम्मान :

  • बिहार की रीढ़ मानी जाने वाली कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 'चौथा कृषि रोडमैप' बजट का केंद्र बिंदु रहा।
  • सरकार ने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को ₹3,000 प्रति वर्ष की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।
  • मक्का, दलहन, तिलहन और फल-सब्जी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष तकनीकी सहायता और हाट-बाजारों के सशक्तीकरण की योजना बनाई गई है।

रोजगार का 'मेगा लक्ष्य' और महिला सशक्तिकरण :

सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए आने वाले वर्षों में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसरों का लक्ष्य रखा है। औद्योगिक क्षेत्र में ₹50 लाख करोड़ के निजी निवेश को आकर्षित करने की योजना है, जिससे बड़े पैमाने पर स्थानीय स्तर पर नौकरियां पैदा होंगी।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹10,000 की शुरुआती मदद के बाद, अब उनके व्यवसाय को विस्तार देने के लिए ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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