बिहार के पटना में दो प्रशासनिक अधिकारियों, अनंत कुमार (SDM स्तर) और रिमझिम कुमारी (BPRO) ने बिना पंडित, बिना दहेज और बिना किसी आडंबर के भारतीय संविधान की शपथ लेकर शादी की। फुले-अंबेडकर विचारधारा से प्रेरित इस 'संविधान वाली शादी' ने समाज को दहेज प्रथा और रूढ़िवादिता के खिलाफ एक प्रगतिशील संदेश दिया है। जानें इस अनूठी और प्रेरणादायक शादी की पूरी कहानी।

पटना। बिहार की राजधानी में एक ऐसा विवाह संपन्न हुआ जिसने समाज के पारंपरिक ताने-बाने को एक नई और प्रगतिशील दिशा दी है। यह कहानी दो उच्चाधिकारियों के मिलन की है, जिन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार, पंडित और बैंड-बाजे के शोर के बजाय भारतीय संविधान की मर्यादा को अपना साक्षी चुना। भोजपुर के बिहिया में तैनात अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी (SDM स्तर) अनंत कुमार और औरंगाबाद में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर कार्यरत रिमझिम कुमारी ने पटना में आयोजित एक सादे समारोह में वैवाहिक सूत्र में बंधकर एक नई मिसाल पेश की है।

IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षित अनंत कुमार और उनकी सहकर्मी रिमझिम कुमारी, जो एक ही बैच के प्रशासनिक अधिकारी हैं, ने अपने विवाह को व्यक्तिगत उपभोग और आडंबर का जरिया बनाने के बजाय इसे वैचारिक क्रांति का मंच बना दिया। इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहाँ कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं हुआ। दूल्हा और दुल्हन ने हाथ में भारतीय संविधान की प्रति लेकर उसकी प्रस्तावना का पाठ किया और संवैधानिक मूल्यों के प्रति वफादार रहने की शपथ ली। ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले और डॉ. बी.आर. अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित इस जोड़े ने तर्कवाद और सामाजिक समानता के संदेश को सबसे ऊपर रखा।

प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों के बीच अक्सर भारी-भरकम दहेज और भव्य आयोजनों की होड़ देखी जाती है, लेकिन अनंत और रिमझिम ने 'शून्य दहेज' के संकल्प के साथ इस कुप्रथा पर कड़ा प्रहार किया है। विवाह में न तो घोड़ी थी, न ही फिजूलखर्ची का कोई दिखावा। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि उच्च शिक्षा और पद का वास्तविक अर्थ समाज में व्याप्त पाखंड से मुक्ति पाना और विवेकपूर्ण जीवन जीना है। यादव समाज और बिहार के युवाओं के लिए यह घटना एक 'ट्रेंडसेटर' के रूप में उभरी है। सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक इस विवाह की चर्चा केवल इसकी सादगी के लिए नहीं, बल्कि रूढ़िवादिता पर आधुनिकता और प्रगतिशील सोच की निर्णायक जीत के रूप में हो रही है। यह विवाह संदेश देता है कि जब सत्ता और ज्ञान का संगम होता है, तो वह परंपराओं की बेड़ियों को तोड़कर एक न्यायपूर्ण समाज की नींव रखने का साहस भी रखता है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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