शहर के मंदिरों से आभूषण चोरी का आरोपी जूलर राजस्थान से गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने शहर के मंदिरों से आभूषण चोरी करने वाले राजस्थान निवासी 24 वर्षीय जूलर को जोधपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी कपिल सोनी ने तीन मंदिरों से सोना-चांदी चुराने की बात कबूल की है।

मुंबई। शहर के मंदिरों से सोना-चांदी के आभूषण और धार्मिक वस्तुएं चोरी करने वाला एक शातिर आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला 24 वर्षीय कपिल सोनी, पेशे से जूलर, बीते करीब एक वर्ष से मुंबई आकर मंदिरों को अपना निशाना बना रहा था। शनिवार को जोधपुर से की गई उसकी गिरफ्तारी ने उन वारदातों की गुत्थी सुलझा दी, जिन्होंने श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन को लंबे समय से चिंता में डाल रखा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कपिल सोनी न केवल एक प्रशिक्षित जूलर था, बल्कि उसने अपनी इस कारीगरी का इस्तेमाल अपराध की राह में किया। पुलिस जांच में सामने आया कि सोनी मुंबई आता, मंदिरों में भक्त बनकर दाखिल होता और अवसर मिलते ही कीमती आभूषणों और वस्तुओं पर हाथ साफ कर देता। इसके बाद वह चुपचाप अपने गृह नगर जोधपुर लौट जाता और कुछ समय बाद फिर से वही प्रक्रिया दोहराता।
सितंबर माह में हुई एक बड़ी चोरी ने पुलिस को अलर्ट कर दिया। शहर के प्रसिद्ध मंगलदास मार्केट स्थित एक मंदिर से करीब तीन किलो वजनी चांदी का शिवलिंग और अन्य आभूषण व धार्मिक वस्तुएं चोरी हो गईं। मंदिर प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी और तुरंत जांच शुरू की गई। इस चोरी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संदिग्धों की सूची बनाई और जांच का दायरा बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस को कपिल सोनी का नाम सामने आया। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों से पता चला कि चोरी की वारदात के कुछ ही दिनों बाद वह राजस्थान लौट गया था। इस सुराग के आधार पर एक विशेष टीम जोधपुर भेजी गई। वहां पहुंचकर पुलिस ने उसकी गतिविधियों की पुष्टि की और जब सोनी को हिरासत में लिया गया, तो उसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ के दौरान सोनी ने न केवल मंगलदास मार्केट मंदिर की चोरी स्वीकार की, बल्कि यह भी खुलासा किया कि वह इससे पहले दो अन्य मंदिरों से आभूषण चुरा चुका है। उसने बताया कि मंदिरों से चुराए गए सोने-चांदी को वह अपने जूलरी कारोबार की आड़ में खपा देता था।
इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर आंशिक विराम लगाने में सफलता हासिल की है। फिलहाल पुलिस उसकी पिछली वारदातों और उससे जुड़े संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या चोरी का माल स्थानीय बाजारों या नेटवर्क के माध्यम से बेचा गया।
मंदिरों से आभूषण चोरी न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनती है, बल्कि यह श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंचाती है। धार्मिक स्थलों से जुड़ी वस्तुएं भक्तों के लिए केवल कीमती धातु नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक होती हैं। यही कारण है कि इन वारदातों ने समाज में असुरक्षा की भावना को जन्म दिया था।
मुंबई पुलिस ने कपिल सोनी की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही चोरी गए आभूषण बरामद कर लिए जाएंगे। वहीं, मंदिर प्रबंधन ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि अपराधी नए-नए तरीकों से समाज के सबसे संवेदनशील स्थलों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटते। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और निरंतर प्रयासों ने इस बार अपराधी को उसके गढ़ से पकड़ निकाला। श्रद्धालुओं और व्यापारिक समुदाय को अब उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी के बाद शहर के मंदिरों में आस्था और सुरक्षा का वातावरण और मजबूत होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
