ईरान ने इजरायल-अमेरिका के हमलों के बीच तेहरान खाली करने का फरमान जारी किया है। स्कूल-कॉलेज बंद और कार्यालयों में 50% उपस्थिति। पढ़ें युद्ध की ताजा स्थिति।

SNSC Iran Warning, Middle East Crisis 2026 : पश्चिम एशिया के आसमान में मंडराते बारूद के बादलों ने अब एक भयावह रूप अख्तियार कर लिया है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों से दहल रहे ईरान ने अपनी जनता के लिए एक ऐसा आधिकारिक परामर्श जारी किया है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) ने एक आपातकालीन बयान जारी कर नागरिकों से तेहरान और उन प्रमुख शहरों को तुरंत छोड़ने की अपील की है, जो दुश्मन के रडार पर हैं। यह घोषणा शनिवार को तेहरान के विभिन्न हिस्सों में हुए जोरदार धमाकों और आसमान में उठते धुएं के गुबार के बीच की गई है, जो इस बात का संकेत है कि युद्ध अब ईरान के हृदय स्थल तक पहुँच चुका है।

अपील के पीछे का खौफ और सरकारी निर्देश :

सुरक्षा परिषद ने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि खुफिया जानकारी के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका के 'ऑपरेशन' तेहरान सहित अन्य बड़े केंद्रों पर जारी रहेंगे। सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के लिहाज से शहरों से बाहर जाना ही एकमात्र विकल्प है। पिछले वर्ष जून में हुई 10 दिनों की जंग की यादें ताजा करते हुए, बड़ी संख्या में लोगों ने ग्रामीण इलाकों और अपने पैतृक गांवों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं लागू की हैं:

  • शैक्षणिक संस्थान : सभी स्कूल और विश्वविद्यालय अगली सूचना तक पूरी तरह बंद रहेंगे।
  • सरकारी कामकाज : सरकारी कार्यालयों को केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने का आदेश दिया गया है।
  • बैंकिंग सेवाएं : वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बैंक फिलहाल कार्य करते रहेंगे।
  • सार्वजनिक सुरक्षा : नागरिकों को शॉपिंग सेंटरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि हवाई हमलों में नागरिक हताहतों की संख्या कम की जा सके।

ट्रंप और नेतन्याहू का 'मुक्ति' संदेश बनाम घरेलू हलचल :

इस हमले के शुरू होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो संदेश जारी कर इसे 'ईरान की जनता के हक में' उठाया गया कदम बताया। दोनों नेताओं ने तर्क दिया कि यह मुहिम दुनिया को आतंकवाद के खतरे से बचाने के लिए अनिवार्य है। वहीं, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आकर राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त किया और ईरानी नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। इन बयानों ने ईरान के भीतर राजनीतिक अस्थिरता और सरकार विरोधी प्रदर्शनों की अटकलों को भी तेज कर दिया है।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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