रामजस सोडाणी स्मृति सम्मान से सम्मानित हुए वरिष्ठ शिक्षक रामस्वरूप सोनी, सुनाए पुराने खेल संस्मरण
भीलवाड़ा में रामजस सोडाणी स्मृति सम्मान से वरिष्ठ शिक्षक रामस्वरूप सोनी सम्मानित हुए, जहां उन्होंने पुराने खेल संस्मरण साझा किए।

तस्वीर में भीलवाड़ा के गीता भवन में आयोजित समारोह के दौरान बाएं से डॉ. अशोक सोडाणी, अनिता सोडाणी, सम्मानित वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक श्री रामस्वरूप सोनी (ट्रॉफी पकड़े हुए), डॉ. सुमन सोनी और सुरेश सोनी एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं, जिनके पीछे दीवार पर स्वर्गीय श्री रामजस जी सोडाणी का चित्र लगा है।
भीलवाड़ा में रविवार 02 अगस्त 2026 को आयोजित एक सादे समारोह में स्वर्गीय श्री रामजस जी सोडाणी स्मृति - प्रबुद्ध शारीरिक शिक्षक सम्मान से वरिष्ठ सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षक श्री रामस्वरूप सोनी को सम्मानित किया गया। गीता भवन सभागार में हुए इस कार्यक्रम के दौरान श्री सोनी ने स्वर्गीय रामजस जी सोडाणी के खेल जीवन से जुड़े पुराने संस्मरण साझा करते हुए भावुक हो गए।
श्री रामजस जी सोडाणी अपने स्कूली समय के 1960 से 70 के दशक के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे थे। उनकी कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबाल और हॉकी चारों खेलों में बराबर की पकड़ थी। यह बात भीलवाड़ा के वरिष्ठ 82 वर्षीय सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षक श्री रामस्वरूप सोनी ने अपने उद्बोधन में कही।
लगभग 60-65 वर्ष पूर्व के अपने स्कूली जीवन के संस्मरणों का उल्लेख करते हुए श्री सोनी ने कहा कि वह दौर ऐसा था, जब खेलों के प्रति आम नागरिकों में जागरूकता और जबरदस्त उत्साह हुआ करता था। उन्होंने बताया कि वर्ष 1964 से 1970 तक हुरड़ा, गुलाबपुरा और भीलवाड़ा के विभिन्न सरकारी स्कूलों में जब वह शारीरिक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे, तब सभी सरकारी स्कूल स्वर्गीय रामजस जी सोडाणी को अपने विद्यालय में प्रवेश दिलाना चाहते थे।
उन्होंने बताया कि रामजस जी की पढ़ाई और खेलों का खर्च पीटीआई स्वयं अपनी जेब से उठाने के लिए तैयार रहते थे। प्रधानाचार्य भी उन्हें कक्षा में फर्स्ट डिवीजन से पास कराने की गारंटी देते थे, क्योंकि विद्यालय में उनका होना चारों खेलों की जीत की ट्रॉफी और शील्ड मिलने की मजबूत संभावना माना जाता था।
सम्मान समारोह में जब श्री रामस्वरूप सोनी को "स्वर्गीय श्री रामजस जी सोडाणी स्मृति - प्रबुद्ध शारीरिक शिक्षक सम्मान" भेंट किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि स्वर्गीय रामजस जी ने उनके शारीरिक शिक्षक के शैक्षणिक काल में कई राष्ट्रीय ट्रॉफियां जीतीं और आज उन्हीं के नाम से उन्हें सम्मानित किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्वर्गीय रामजस जी सोडाणी के पुत्र एवं पुत्रवधू डॉ. अशोक-अनिता सोडाणी तथा श्री रामस्वरूप सोनी के पुत्र एवं पुत्रवधू सुरेश-डॉ. सुमन सोनी भी उपस्थित रहे। समारोह में दिया गया यह सम्मान खेल क्षेत्र में स्वर्गीय रामजस जी सोडाणी के योगदान और शारीरिक शिक्षकों के प्रति सम्मान को रेखांकित करने वाला अवसर बना।

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