बयाना नगर पालिका में दो महीने से वेतन न मिलने पर सफाई कर्मचारियों ने कैशियर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिशासी अधिकारी अनिता कुमारी की आईडी मैपिंग न होने से वेतन अटका हुआ है। कर्मचारियों ने जल्द भुगतान न होने पर पूर्ण हड़ताल की चेतावनी दी है, जिससे कस्बे की सफाई व्यवस्था पर संकट मंडरा रहा है।

बयाना। राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में सफाई कर्मचारियों के सब्र का बांध सोमवार को आखिरकार टूट गया। पिछले दो माह से वेतन की बाट जोह रहे कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय परिसर में एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे दर्जनों सफाईकर्मियों ने कैशियर कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और जल्द भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। देवीसिंह प्रजापत की रिपोर्ट के अनुसार, कस्बे की स्वच्छता का जिम्मा संभालने वाले इन कर्मचारियों के घरों में दो महीने से वेतन न मिलने के कारण चूल्हा जलना भी दूभर हो गया है।

प्रदर्शन के दौरान अपनी व्यथा सुनाते हुए सफाई कर्मचारियों ने कहा कि लगातार दो महीनों से मानदेय का भुगतान न होने से उनके सामने दैनिक खर्चों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिवार के पालन-पोषण और बच्चों की जरूरतों को पूरा करना अब उनके लिए नामुमकिन होता जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे उनमें भारी रोष व्याप्त है। सोमवार को हुए इस प्रदर्शन ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

इस पूरे प्रशासनिक गतिरोध पर स्पष्टीकरण देते हुए नगर पालिका के कैशियर दीपक गुप्ता ने बताया कि समस्या तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग दो माह पूर्व अधिशासी अधिकारी अनिता कुमारी ने नगर पालिका में कार्यभार ग्रहण किया था। नियमानुसार, नए अधिकारी की जॉइनिंग के बाद उनकी डिजिटल आईडी की मैपिंग आवश्यक होती है, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इसी मैपिंग प्रक्रिया के अटके होने के कारण न केवल सफाईकर्मी, बल्कि नगर पालिका के समस्त कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है। गुप्ता ने आश्वस्त किया कि आईडी मैपिंग के लिए फाइल ट्रेजरी कार्यालय भेजी जा चुकी है और प्रक्रिया पूर्ण होते ही प्राथमिकता के साथ सभी के खातों में वेतन हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सफाई कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। कर्मचारियों ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनके बकाये वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से हड़ताल पर चले जाएंगे। सफाई व्यवस्था ठप होने की स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी अव्यवस्था के लिए उन्होंने सीधे तौर पर नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। अब देखना यह होगा कि ट्रेजरी कार्यालय और पालिका प्रशासन इस तकनीकी खामी को कितनी जल्दी दूर कर कर्मचारियों को राहत पहुंचाता है।

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